इंटरनेशनल डेस्क: रूस में अचानक ही कई अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसी लोकप्रिय सेवाएं अब देश में काम नहीं कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम रूस की “सॉवरेन इंटरनेट” नीति को सख्ती से लागू करने की दिशा में उठाया गया है।
विदेशी प्लेटफॉर्म पूरी तरह से ब्लॉक
पहले रूस में कुछ प्लेटफॉर्म्स की गति धीमी कर दी जाती थी, लेकिन अब हालात और गंभीर हो गए हैं। अब इन वेबसाइट्स के डोमेन नाम राष्ट्रीय DNS सिस्टम से हटा दिए गए हैं। इस वजह से जब कोई यूजर इन साइट्स को खोलने की कोशिश करता है, तो IP एड्रेस खोज नहीं पाता और स्क्रीन पर “डोमेन मौजूद नहीं” जैसा संदेश दिखाई देता है।
मीडिया वेबसाइट्स और गुमनाम ब्राउज़र भी प्रभावित
सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया हाउस जैसे बीबीसी, डॉउचा वेले और रेडियो फ्री यूरोप की वेबसाइट्स भी इस ब्लॉक से प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला टॉर ब्राउज़र (Tor Browser) भी रूस में बंद कर दिया गया है।
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राष्ट्रीय DNS सिस्टम के तहत सख्ती
रूस के इंटरनेट प्रदाताओं के लिए अब राष्ट्रीय DNS सिस्टम का पालन करना अनिवार्य है। यह सिस्टम Roskomnadzor नामक सरकारी एजेंसी द्वारा नियंत्रित किया जाता है। एजेंसी ने “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत इंटरनेट पर कड़ी निगरानी और नियंत्रण लागू किया हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से रूस में विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों तक पहुंच लगभग समाप्त हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप देश के अंदर रहने वाले लोग वैश्विक खबरों और सेवाओं से कट सकते हैं।