Last Updated: September 20, 2026

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फ्यूचर-रेडी स्किल्स और एमएसएमई ग्रोथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की बड़ी जरूरत: रिपोर्ट

February 14, 2026

फ्यूचर-रेडी स्किल्स और एमएसएमई ग्रोथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की बड़ी जरूरत: रिपोर्ट

देश को विकसित भारत 2047 लक्ष्य पाने के लिए 10 प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इसमें फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स तैयार करना, मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाना और एमएसएमई को मजबूत करना शामिल है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में दी गई।

केपीएमजी की रिपोर्ट में कहा गया कि फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स के निर्माण का पहला कदम शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार की निरंतरता को क्रियान्वित करना, शिक्षुता कार्यक्रमों का विस्तार करना और गहन तकनीकी क्षमता का निर्माण करना है जिससे टैलेंट मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और उभरती टेक्नोलॉजी में नौकरी के लिए तैयार हो सके।

रिपोर्ट में कंपोनेंट का स्थानीयकरण करके, इंडस्ट्री 4.0 को अपनाकर, फैक्ट्रियों की उत्पादकता बढ़ाकर और निर्यात और गुणवत्ता मानकों के साथ क्लस्टरर्स को निकटता से जोड़कर मैन्युफैक्चरिंग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के कदमों के बारे में बताया गया।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि लघु एवं मध्यम उद्यमों को नकदी प्रवाह आधारित क्रेडिट, समूह-आधारित उत्पादकता कार्यक्रमों, डिजिटलीकरण अपनाने और प्रमुख आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े संरचित निर्यात प्रोत्साहन के माध्यम से अस्तित्व बनाए रखने के बजाय विस्तार करने की ओर बढ़ना चाहिए।

अन्य प्राथमिकताओं में एकीकृत इन्फ्रास्ट्रक्चर और निर्यात विविधीकरण के साथ व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार शामिल हैं।

बिजनेस एडवाजरी फर्म ने कहा, “बहुआयामी गलियारों का विकास करके, अंतिम मील और औद्योगिक कनेक्टिविटी में सुधार करके परिसंपत्ति निर्माण को प्रणालीगत स्तर की उत्पादकता में परिवर्तित करें। गलियारे-आधारित निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करें, क्षेत्र-विशिष्ट कार्ययोजनाओं के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) और सीईपीए का लाभ उठाएं, और महत्वपूर्ण मूल्य श्रृंखलाओं में आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन को मजबूत करें।”

इसके अलावा, फर्म ने नीति निर्माताओं से सार्वजनिक परिवहन आधारित विकास में तेजी लाने, नगरपालिका वित्त को मजबूत करने, किफायती आवास का विस्तार करने और एकीकृत शहरी क्षेत्रों की योजना बनाने का आह्वान किया ताकि द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों को देश के विकास का केंद्र बनाया जा सके।

फर्म ने कहा, “अनौपचारिक श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार करें, देखभाल संबंधी बुनियादी ढांचे को पेशेवर बनाएं और महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाएं ताकि विकास व्यापक आधार वाला हो सके।”

इसने सार्वजनिक व्यय की गुणवत्ता में सुधार के लिए निजी पूंजी को आकर्षित करने, केंद्र, राज्य और शहर स्तर पर राजस्व को मजबूत करने और डिजिटल ट्रैकिंग द्वारा समर्थित परिणाम-आधारित बजट की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

केपीएमजी इंडिया के सीईओ येजदी नागपोरेवाला ने कहा, “भारत ने एक मजबूत नींव स्थापित कर ली है, और अब ध्यान निवेश को अधिक उत्पादकता और परिणामस्वरूप प्रतिस्पर्धात्मकता में परिवर्तित करके क्रियान्वयन पर केंद्रित है। हमारे देश का विकास गहन विनिर्माण क्षमताओं, कुशल प्रतिभा, सशक्त लघु एवं मध्यम उद्यमों, कुशल बुनियादी ढांचे और भविष्य के लिए तैयार शहरों द्वारा निर्धारित होगा।”

 

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