Last Updated: September 21, 2026

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Amalaka Ekadashi: इस एकादशी पर करें विशेष उपाय, पीला चंदन और शंख से संवर सकता है भाग्य!

February 20, 2026

Amalaka Ekadashi: इस एकादशी पर करें विशेष उपाय, पीला चंदन और शंख से संवर सकता है भाग्य!

Amalaka Ekadashi Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन आंवले के वृक्ष में स्वयं श्रीहरि का वास होता है, इसलिए आंवले की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। विधि-विधान से व्रत और पूजन करने पर महान पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन की बाधाएं कम होती हैं।

आंवले के वृक्ष की पूजा का महत्व

आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ आंवले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन आंवले का फल अर्पित करते हैं और यदि संभव हो तो आंवले का पौधा लगाते या दान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे पापों का क्षय होता है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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तुलसी पूजा से बढ़ता है पुण्य

भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है। एकादशी के दिन तुलसी पत्र अर्पित करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है। आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष के समीप या घर के मंदिर में तुलसी जी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक मंत्र जप करना कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पीले चंदन का विशेष उपाय

इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु को पीला चंदन या गोपी चंदन अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त भगवान को ऊर्ध्वपुंड्र तिलक लगाते हैं और बाद में वही चंदन अपने मस्तक पर धारण करते हैं। धार्मिक विश्वास है कि ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।

शंख से अभिषेक का लाभ

विष्णु पूजा में शंख का विशेष स्थान है। आमलकी एकादशी पर शंख में दूध और गंगाजल भरकर भगवान विष्णु या शालिग्राम का अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। पूजा के दौरान शंखनाद करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

श्रद्धा और नियम का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आमलकी एकादशी का व्रत श्रद्धा, संयम और नियमपूर्वक करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति मिलती है। इस दिन दान-पुण्य और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण विशेष फलदायी माना गया है।

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। दैनिक सवेरा टाइम्स एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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