नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग (EC) ने चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में व्यापक बदलाव किए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद कुल 1.70 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं।
पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय इन राज्यों में कुल 21.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता थे। अंतिम सूची के अनुसार यह संख्या घटकर 19.75 करोड़ रह गई। इस सूची में गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं।
गुजरात में सबसे बड़ी कटौती
गुजरात में सबसे अधिक नाम हटाए गए हैं। राज्य में कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं। इस बदलाव के बाद गुजरात में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 से घटकर 4,40,30,725 रह गई है, जो कि 13.40% की गिरावट है।
अन्य राज्यों में हुई गिरावट
मध्य प्रदेश में 34,25,078 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिससे यहां मतदाताओं की संख्या 5.74 करोड़ से घटकर 5.39 करोड़ रह गई। राजस्थान में 31.36 लाख और छत्तीसगढ़ में लगभग 24.99 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए। केरल और गोवा में क्रमशः 8,97,211 और 1,27,468 मतदाता सूची से हटाए गए।
केंद्र शासित प्रदेशों में स्थिति
केंद्र शासित प्रदेशों में भी कटौती हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 52,364, पुडुचेरी में 77,367 और लक्षद्वीप में 206 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार यह शुद्ध बदलाव (net change) उन अपात्र मतदाताओं को दर्शाता है जिन्हें सूची से हटाया गया है, जिसमें नए पंजीकृत मतदाताओं की संख्या भी शामिल है।
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SIR प्रक्रिया जारी
निर्वाचन आयोग ने बताया कि यह अभियान अभी जारी है। वर्तमान में 12 राज्यों में SIR प्रक्रिया चल रही है, जिनमें उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के आंकड़े इस महीने के अंत तक जारी किए जाएंगे। आयोग ने अन्य राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भी तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है।
EC ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक सतत प्रक्रिया है और योग्य नागरिक अब भी नाम जोड़ने या सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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