Last Updated: September 26, 2026

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ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किया Sayyad-3G मिसाइल का परीक्षण, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

February 22, 2026

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किया Sayyad-3G मिसाइल का परीक्षण, बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

तेहरान: अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता और बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सय्याद-3G मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह अभ्यास इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के “स्मार्ट कंट्रोल ऑफ द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज” कार्यक्रम के तहत किया गया।

सय्याद-3G की प्रमुख विशेषताएं

परीक्षण में इस्तेमाल की गई मिसाइल शहीद सय्याद शिराजी युद्धपोत से लॉन्च की गई, जो शहीद सोलेमानी-क्लास का तीसरा जहाज है। यह जहाज जनरल कासिम सोलेमानी के नाम पर है, जिनकी हत्या 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में हुई थी।

सय्याद-3G, मूल सय्याद-3 का नौसैनिक संस्करण है और इसमें वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (VLS) मौजूद है। इसकी मारक क्षमता लगभग 150 किलोमीटर है और यह फाइटर जेट्स, ड्रोन, पैट्रोल विमान और कुछ क्रूज मिसाइलों को स्वतः पहचान कर नष्ट कर सकती है। शहीद सय्याद शिराजी पर छह VLS साइलो हैं, जिससे यह जहाज मोबाइल एयर डिफेंस हब बन जाता है और अपने आसपास 150 किलोमीटर के क्षेत्र में सुरक्षा कवच प्रदान करता है। यह ईरान की समुद्री सुरक्षा क्षमता को विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में मजबूत करता है।

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अमेरिका को ईरान की चेतावनी

IRGC अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान के क्षेत्र में किसी भी तरह का हमला या गोलीबारी होती है, तो इसका जवाब अमेरिकी संपत्तियों और हितों पर निर्णायक रूप से दिया जाएगा। अधिकारीयों का कहना है कि सय्याद-3G मिसाइल के जरिए शहीद सोलेमानी-क्लास जहाजों को मजबूत क्षेत्रीय एयर डिफेंस कवच प्राप्त हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह परीक्षण ईरान की नौसेना को अधिक बहुमुखी और रक्षात्मक बनाता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के प्रभाव को बढ़ाता है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है, और ईरान की नई क्षमताएं इसे और अधिक रणनीतिक बनाती हैं।

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