Last Updated: September 22, 2026

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बंगाल के चाणक्य और पूर्व रेल मंत्री ‘मुकुल रॉय’ का निधन, कई गंभीर बीमारियों से थे पीड़ित

February 23, 2026

बंगाल के चाणक्य और पूर्व रेल मंत्री ‘मुकुल रॉय’ का निधन, कई गंभीर बीमारियों से थे पीड़ित

Mukul Roy: पश्चिम बंगाल की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का देर रात निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे। रात लगभग 2:35 बजे उन्होंने कोलकाता स्थित निजी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। वे पिछले कुछ महीनों से कोमा में थे और लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।

लंबे समय से चल रहा था इलाज
करीबी सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में खराब स्वास्थ्य के चलते मुकुल रॉय सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे। वर्ष 2023 की शुरुआत में चिकित्सकों ने पुष्टि की थी कि वे डिमेंशिया और पार्किंसंस जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। इन बीमारियों के कारण उनकी स्मरण शक्ति और शारीरिक क्षमता पर गहरा असर पड़ा था।

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टीएमसी में अहम भूमिका
तृणमूल कांग्रेस में मुकुल रॉय को लंबे समय तक ममता बनर्जी के बाद सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता था। उन्हें पार्टी का कुशल रणनीतिकार और संकटमोचक माना जाता था। चुनावी रणनीति तैयार करने से लेकर संगठन को मजबूत बनाने तक, उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। राजनीतिक हलकों में उन्हें ‘बंगाल का चाणक्य’ भी कहा जाता था।

टीएमसी से दूरी और बीजेपी में प्रवेश
साल 2010 के दशक में टीएमसी के साथ उनके संबंधों में खटास आ गई। शारदा चिटफंड घोटाले जैसे विवादों के बाद पार्टी में उनकी स्थिति कमजोर हुई। फरवरी 2015 में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद से हटा दिया गया। सितंबर 2017 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और नवंबर 2017 में भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि, जून 2021 में उन्होंने फिर से टीएमसी में वापसी कर ली थी।

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राजनीतिक जगत में शोक
उनके निधन की खबर फैलते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संगठनात्मक कौशल और राजनीतिक सूझबूझ को याद किया। उनके जाने को बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय के अंत के रूप में देखा जा रहा है।

 

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