अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को उनके पद से हटा दिया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह के बयानों और कामों से SGPC की बदनामी हुई है। इस वजह से उनकी सेवाएं तुरंत प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं। यह फैसला धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। SGPC के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई संगठन की इज्जत बचाने के लिए की गई है।
एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि
ज्ञानी रघबीर सिंह को अपने दावों या बयानों के बारे में सबूत पेश करने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया था। लेकिन तय समय में कोई ठोस सबूत न दे पाने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानी रघबीर सिंह के कामों से संगठन की इमेज को नुकसान पहुंचा है।
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