इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद तीसरे दिन भी दोनों देशों के बीच मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन हमले जारी हैं। इसी बीच इज़रायल ने दावा किया है कि उसने एक बड़े सैन्य अभियान में ईरान के खुफिया मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया है।
‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत कार्रवाई
इज़रायल की सेना Israel Defense Forces (IDF) ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह कार्रवाई ऑपरेशन रोरिंग लायन के शुरुआती चरण में की गई। आईडीएफ के अनुसार, यह हमला सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था और इसका उद्देश्य उन अधिकारियों को निशाना बनाना था, जो इज़रायल और पश्चिमी देशों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थे।
खुफिया उपमंत्री की मौत का दावा
इज़रायल ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान के खुफिया मंत्रालय में ‘इज़रायल मामलों’ के लिए उपमंत्री सैयद यह्या हमीदी मारे गए। आईडीएफ का आरोप है कि हमीदी विदेशों में यहूदियों, पश्चिमी नागरिकों और ईरानी शासन के विरोधियों को निशाना बनाने वाली गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे थे।
जासूसी प्रभाग प्रमुख भी मारे गए
इज़रायल ने यह भी दावा किया कि ईरान के खुफिया मंत्रालय के जासूसी विभाग (Espionage Division) के प्रमुख जलाल पूर हुसैन भी इस सैन्य कार्रवाई में मारे गए। आईडीएफ के मुताबिक, इस ऑपरेशन में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई अधिकारी भी निशाना बने।
तेहरान में मुख्यालय पर हमला
इज़रायली सेना ने यह भी दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने तेहरान स्थित ईरान के खुफिया मंत्रालय के मुख्यालय पर भी हमला किया। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। ईरान की ओर से भी इस पर तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
मिडिल ईस्ट और पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालिया हमलों के बाद इज़रायल और ईरान के बीच सीधा टकराव और गहराता नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर असर डाल सकता है।
स्थिति अभी अस्पष्ट
इज़रायल ने खुफिया मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौत का दावा किया है। ईरान की ओर से आधिकारिक पुष्टि या खंडन अभी सामने नहीं आया है। स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है।