तेहरान: अब्बास अराघची ने अमरीकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान से कभी कोई खतरा नहीं था और अमरीका व ईरान—दोनों देशों के नागरिकों के खून-खराबे के लिए इसराइल जिम्मेदार है। रुबियो ने सोमवार को कहा था कि अमरीका ने ईरान पर हमला तब किया जब उसे पता चला कि उसका सहयोगी इसराइल कार्रवाई की तैयारी में है। उन्हें आशंका थी कि तेहरान इस क्षेत्र में तैनात अमरीकी बलों के खिलाफ जवाबी हमला कर सकता है।
रुबियो के अनुसार, ‘यदि हम पहले कार्रवाई नहीं करते, तो हमें ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता।’ इस पर अराघची ने एक्स पर लिखा, ‘मिस्टर रुबियो ने वही माना जो सब जानते थे। अमरीका ने इसराइल की ओर से अपनी मर्जी से जंग लड़ी है। ईरान से कभी कोई खतरा नहीं था।’ उन्होंने कहा कि अमरीकी और ईरानी दोनों का खून बहाने के लिए इसराइल जिम्मेदार है और अमरीकी लोग इससे बेहतर के हकदार हैं। इससे पहले अमरीकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा था कि शनिवार को तेहरान में इसराइल के हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मारे गए।
खुफिया जानकारी के अनुसार, खामेनेई उस समय एक बैठक में थे। रुबियो ने यह भी कहा कि घटनाक्रम चाहे जैसा रहा हो, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन का मानना था कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सैन्य अभियान का घोषित उद्देश्य खामेनेई प्रतिष्ठान का अंत करना नहीं है।
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