नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत में गैस की कीमतों पर भी दिखने लगा है। सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर अब पहले से महंगे हो गए हैं।
घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा
14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपए से बढ़कर 913 रुपए हो गई है। नई कीमतें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, यानी आज से ही उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए ज्यादा पैसे देने होंगे।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी
घरेलू गैस के साथ-साथ 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। इसमें 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर अब 1883 रुपए में मिलेगा। मुंबई में इसकी कीमत 1835 रुपए हो गई है। कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल आमतौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों में किया जाता है। इसलिए इसकी कीमत बढ़ने से इन कारोबारों पर भी असर पड़ सकता है।
The price of a 14.2-kg domestic LPG cylinder has been increased by Rs 60. In Delhi, 14.2-Kg Domestic LPG Cylinder prices increased from Rs 853 to Rs 913. New rate will be effective from March 7: Sources pic.twitter.com/Mxh7QeIyfl
— ANI (@ANI) March 6, 2026
सरकार ने रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार भी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देश की सभी एलपीजी रिफाइनरियों को गैस का उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। इस आदेश में सरकारी और निजी दोनों तरह की रिफाइनरियां शामिल हैं, ताकि देश में गैस की सप्लाई बनी रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
भारत में ऊर्जा की कमी नहीं होगी
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अस्थिरता के बावजूद भारत को ऊर्जा की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार संभावित जोखिमों पर नजर रख रही है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
भारत के पास पर्याप्त गैस और तेल का भंडार
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस शामिल हैं।इसके अलावा तेल कंपनियां केवल गल्फ देशों पर निर्भर नहीं हैं। अगर जरूरत पड़ी तो वे दूसरे देशों से भी तेल और गैस का आयात कर रही हैं, ताकि आपूर्ति में कोई कमी न आए।
कच्चे तेल की सप्लाई पर असर
मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बनने के बाद कच्चे तेल की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि ईरान ने महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। यह रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बहुत अहम माना जाता है। अगर यहां से जहाजों की आवाजाही रुकती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसी कारण एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है
सरकारी सूत्रों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में हो रहे घटनाक्रम पर भारत सरकार लगातार नजर बनाए हुए है। सरकार का प्रयास है कि देश में तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य बनी रहे और लोगों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।