तेहरान: वेस्ट एशिया में चल रही लड़ाई के सातवें दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अब अपने पड़ोसी देशों पर कोई हमला नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि ईरान किसी भी हाल में सरेंडर (आत्मसमर्पण) नहीं करेगा।
शनिवार को टीवी पर दिए गए एक भाषण में पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल ने फैसला किया है कि अब पड़ोसी देशों पर मिसाइल या किसी तरह का हमला नहीं किया जाएगा। उन्होंने पड़ोसी देशों से माफी भी मांगी और कहा कि ईरान का दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है।
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राष्ट्रपति ने कहा, “मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं। हमारा उन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। हमने फैसला किया है कि जब तक वे हम पर हमला नहीं करेंगे, तब तक हम भी कोई मिसाइल या हमला नहीं करेंगे।”
ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका की उस मांग को भी ठुकरा दिया जिसमें ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान के सरेंडर का सपना देख रहे हैं, उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा, “वे लोग हमारे बिना शर्त सरेंडर करने के अपने सपने को कब्र में ले जाएंगे।”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत तभी हो सकती है जब ईरान पहले पूरी तरह सरेंडर करे। ट्रंप ने कहा कि ईरान की मौजूदा लीडरशिप हटनी चाहिए और उसकी जगह “बेहतर और स्वीकार्य नेता” आने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता है तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान की मदद करेंगे ताकि वह फिर से एक मजबूत और समृद्ध देश बन सके। ट्रंप ने अपने मशहूर नारे “Make America Great Again” की तरह ही एक नया नारा भी लिखा, “MAKE IRAN GREAT AGAIN (MIGA)।”
एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चुनाव में भी भूमिका निभाना चाहते हैं। यह बयान उस समय आया जब खबरें सामने आईं कि अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।
इसी बीच लड़ाई लगातार तेज हो रही है। इज़राइल की सेना IDF ने बताया कि शुक्रवार रात उसने तेहरान और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इन हमलों में 80 से ज्यादा फाइटर जेट शामिल थे। करीब 230 बम गिराए गए। टारगेट में एक अंडरग्राउंड बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और एक मिलिट्री एकेडमी भी शामिल थी। इजराइल का कहना है कि कुछ ठिकानों के नीचे ऐसी जगहें भी थीं जहां सैकड़ों ईरानी सैनिक काम करते थे।
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इजराइल के हमलों के बाद ईरान की सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। IRGC ने कहा कि उसने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4”*की 23वीं लहर शुरू की है। इसमें नई तकनीक वाले मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जो कई टारगेट पर एक साथ हमला करने में सक्षम हैं। इन मिसाइलों का निशाना इज़राइल के कब्जे वाले इलाके और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने बताए गए हैं।