इंटरनेशनल डेस्क : 31 दिसंबर, 2025 को अपना 2026 नव वर्ष संबोधन देते हुए, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने आर्थिक विकास में देश के आत्मविश्वास और वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को आवाज दी है। उन्होंने कहा, ” हमने चीनी शैली के आधुनिकीकरण की नई यात्रा पर स्थिर और स्वस्थ कदम आगे बढ़ाया है। हमारी अर्थव्यवस्था का कुल पैमाना लगातार नया रिकॉर्ड बना रहा है और इस वर्ष 1400 खरब युआन तक पहुंचने की उम्मीद है।”
राष्ट्रपति शी का संदेश स्पष्ट और प्रभावशाली है: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते, एक स्थिर, अनुमानित और लगातार बढ़ता चीन, वैश्विक शांति और विकास में सकारात्मक योगदान देगा। यह चीन की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक विकास में उसके महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
चीन की अर्थव्यवस्था दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, और वैश्विक समृद्धि से इसका गहरा नाता है। ऐसे में, चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग की वार्षिक सरकारी कार्य रिपोर्ट पर पूरी दुनिया की निगाहें थीं। 5 मार्च, 2026 को राजधानी पेइचिंग के जन वृहद भवन में 14वीं राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा यानी नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) के चौथे सत्र में लगभग 2,800 प्रतिनिधियों के सामने पेश की गई इस रिपोर्ट में चीन के समाजवादी आधुनिकीकरण के लक्ष्यों और आर्थिक रणनीतियों को चीनी विशेषताओं के साथ अंतिम रूप दिया गया है। इसमें देश की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) के लिए राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास के प्रस्तावों को समिक्षा, अनुमोदन और लागू करने के लिए पेश किया गया है।
प्रधानमंत्री ली की 2026 की सरकारी कार्य रिपोर्ट ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि पिछले तीन वर्षों में गंभीर बाहरी चुनौतियों का सामना करने के बाद चीन अब ऊर्जा और जीवन शक्ति से भरपूर है, और चीन का आर्थिक विकास दुनिया में अधिक स्थिरता और निश्चितता को बढ़ावा देगा, क्योंकि चीन अपनी सीमाओं से परे सभी देशों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए हुए है।
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प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने अपनी रिपोर्ट में 2026 के लिए चीन की आर्थिक स्थिति का जो चित्रण किया है, वह चीन की बढ़ती वैश्विक भूमिका को देखते हुए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें जीडीपी वृद्धि दर 4.5 से 5 प्रतिशत, 1.2 करोड़ से अधिक नए शहरी रोजगार के अवसर, आय वृद्धि और आर्थिक वृद्धि के बीच समानता, शहरी बेरोजगारी दर लगभग 5.5 प्रतिशत, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में लगभग 2% की वृद्धि, और आयात-निर्यात में स्थिर वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं।
चीन का अपने विकास लक्ष्य को तय करने का व्यावहारिक तरीका उसकी समझदारी और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रमाण है। 2026 की सरकारी कार्य रिपोर्ट के लक्ष्यों को देखकर लगता है कि चीन इन चुनौतीपूर्ण समय में भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए तैयार है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी गति से बढ़ रही है। उच्च-गुणवत्ता वाले विकास और लचीलापन को प्राथमिकता देकर, चीन कठिन वैश्विक माहौल में आगे बढ़ने और मजबूती से उभरने के लिए अच्छी स्थिति में है। निस्संदेह, यह सोचा-समझा तरीका निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा और मुश्किल समय में चीन की स्थिर सहारा बनने की स्थिति को मजबूत करेगा।
2026 सरकारी कार्य रिपोर्ट में तकनीकी नवाचार, हरित ऊर्जा, और घरेलू मांग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, सामाजिक कल्याण और 1.2 करोड़ नए शहरी रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना है। ये सभी उपाय इस साल चीन की आर्थिक गति में आत्मविश्वास को मजबूत करेंगे और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगे।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अगले पांच सालों के लिए सीपीसी के प्लान और वैश्विक स्तर पर चीन के आधुनिकीकरण के रास्ते में उत्सुक है। निष्कर्ष रूप से, यह कहा जा सकता है कि चीन की औद्योगिक प्रगति और तकनीकी विकास के साथ उसका आर्थिक प्रदर्शन वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत गति दे रहा है। ली की रिपोर्ट ने 1.4 बिलियन चीनी लोगों और दुनिया भर में आत्मविश्वास और आशावाद का संचार किया है। चीन की आर्थिक दृष्टिकोण के लिए, 2026 एक समेकन, लक्षित स्थिरीकरण, और “उच्च-गुणवत्ता वाले विकास” की ओर बढ़ने का वर्ष है। उम्मीद है कि उच्च स्तरीय खुलेपन के माध्यम से चीन न केवल अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक आर्थिक पुनर्गठन में भी योगदान देगा, भले ही दुनिया भर में कई चुनौतियों और जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा हो।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)
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