कुवैत सिटी : दुनिया के संघर्षग्रस्त इलाकों और संकट की चपेट में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत लगातार सक्रिय रहा है। एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विदेशों में अपने नागरिकों की रक्षा और सहायता के मामले में भारत दुनिया के सबसे सक्रिय और जवाबदेह देशों में शामिल है। टाइम्स कुवैत की रिपोर्ट के अनुसार हाल के वर्षों में भारत ने तेज और समन्वित निकासी अभियानों के माध्यम से हजारों नागरिकों को सुरक्षित घर वापस लाया है। भारत ने न केवल अपने नागरिकों को बचाया, बल्कि आपात स्थितियों के दौरान विदेशी नागरिकों को निकालने में भी मदद की है, जिसके लिए उसे वैश्विक सराहना मिली है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज कूटनीतिक प्रयासों, सरकारी एजेंसियों के समन्वय और प्रभावी सैन्य व्यवस्था के कारण कई खतरनाक परिस्थितियों से भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया। ऑपरेशन राहत, ऑपरेशन संकट मोचन, ऑपरेशन गंगा और ऑपरेशन कावेरी जैसे अभियानों के जरिए हजारों लोगों को संघर्षग्रस्त क्षेत्रों से बाहर लाया गया। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान भी भारतीय सरकार ने स्थिति पर नजर रखी और नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास तेज किए।
स्वदेश लौटने के इच्छुक लोगों के लिए हवाई किराए को स्थिर और किफायती बनाए रखने के लिए भी कदम उठाए गए। विदेश मंत्रलय ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखी जाती है जिनका उन पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि ईरान-इसराइल तनाव के दौरान भारत ने अपने नागरिकों को पहले पड़ोसी देशों में पहुंचाया और फिर विशेष उड़ानों से स्वदेश लाया।
ऑपरेशन सिंधु के तहत लोगों को आर्मेनिया के रास्ते निकालकर भारत भेजा गया और उन्हें अस्थायी आवास भी उपलब्ध कराया गया। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान शुरू किए गए ऑपरेशन गंगा के तहत भारत ने 18 देशों के 147 विदेशी नागरिकों के साथ 23 हजार से अधिक भारतीयों को भी सुरक्षित निकाला।