नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा से रिटायर हो रहे सांसदों को विदाई दी और उनके काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी “फुल स्टॉप” नहीं होता, यानी राजनीति में सक्रिय रहने के मौके हमेशा बने रहते हैं।
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बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हर सांसद की अपनी एक खास भूमिका होती है और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सदन में अलग-अलग मुद्दों पर बहस होती है, लेकिन ऐसे समय में भी सभी के बीच सम्मान बना रहता है, जो लोकतंत्र की ताकत है। उन्होंने रिटायर हो रहे सांसदों से कहा कि वे राजनीति से दूर न जाएं, क्योंकि उनका अनुभव देश के लिए बहुत जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को सलाह दी कि वे अनुभवी नेताओं से सीखें। उन्होंने खास तौर पर एच.डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा संसद में काम करते हुए बिताया है। इस दौरान पीएम मोदी ने रामदास अठावले का जिक्र भी किया और उनके ह्यूमर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आजकल संसद में हास्य और व्यंग्य कम होता जा रहा है, लेकिन अठावले हमेशा अपने अंदाज से माहौल हल्का बना देते हैं। इस बार कुल 37 सांसद राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। इनमें प्रियंका चतुर्वेदी, तिरुचि शिवा, अमरेंद्र धारी सिंह और अभिषेक मनु सिंघवी भी शामिल हैं।
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हाल ही में 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव हुए थे, जिनमें से 26 उम्मीदवार बिना किसी विरोध के जीत गए। बिहार में कांग्रेस और आरजेडी के कुछ विधायकों ने वोट नहीं दिया, जिससे एनडीए को सभी 5 सीटें जीतने में मदद मिली। वहीं ओडिशा और हरियाणा जैसे राज्यों से भी नए सांसद राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। कुल मिलाकर, पीएम मोदी ने रिटायर हो रहे सांसदों को सम्मानपूर्वक विदाई दी और उनके अनुभव को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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