
जालंधर: शहर के पटेल चौक से बिधिपुर फाटक तक बनने वाली साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत के ग्रीन बैल्ट प्रोजैक्ट का वन विभाग ने सत्यानाश कर दिया है। मेयर वनीत धीर वन विभाग के अधिकारियों की इस कार्यशैली से बहुत ही क्रोधित हुए और आज उनको जमकर लताड़ लगाई। मेयर वनीत धीर ने जैसे ही ग्रीन बैल्ट के कामों की समीक्षा के लिए आज सुबह 11:30 के बाद दौरा किया तो वह आग बबूला हो उठे क्योंकि वन विभाग की ओर से की गई फैंसिंग बहुत ही निम्न स्तर की थी। न तो नीचे कोई बेस था और न ही ऊपर ही मजबूती देने के लिए एंगल लगाया गया था। यहां तक की ग्रीन बैल्ट में जो पौधे लगाए गए थे वे भी सूख रहे थे। ऐसे में मेयर वन विभाग के अधिकारियों पर भड़क उठे और खूब खरी खोटी सुनाई।
कर्मचारियों की संख्या बढ़ाएं
मेयर ने स्पष्ट कहा कि आप 5.50 करोड़ रुपए के प्रोजैक्ट को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इस पर न ही ढंग से कोई काम किया जा रहा है। दो-चार मालियों के सिर पर इतना बड़ा प्रोजैक्ट तो 5 साल में भी पूरा नहीं होगा जो कि 1 साल में पूरा होना चाहिए। मेयर को इस बात को लेकर भी गुस्सा था कि वन विभाग के अधिकारियों ने इस काम के लिए टैंडर तक नहीं लगाए और अपने ही विभाग के गिने-चुने कर्मचारियों से काम करवा रहे हैं। वह काम से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं नजर आए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संख्या 100-200 करें तभी काम समय पर पूरा हो सकेगा।
पौधों की जियो टैगिंग होनी चाहिए
ग्रीन बैल्ट में लगाए गए पौधों को देखते हुए मेयर वनीत धीर ने कहा कि पौधे सूख भी रहे हैं और पौधे भी कम हैं। उन्होंने कहा कि जितने पौधे लगाने की बात की गई है उससे एक भी कम पौधा सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने पौधों पर जियो टैगिंग करने के लिए कहा ताकि हर पौधे की गिनती हो सके और जितने पौधे लगाने का लक्ष्य है उतने ही पौधे लगे चाहिए और उसका सही तरह से पालन-पोषण होना चाहिए। मेयर ने स्पष्ट कहा कि यह उनका ड्रीम प्रोजैक्ट है और शहर का प्रमुख प्रवेश द्वार है। इस प्रोजैक्ट के साथ लापरवाही और बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।