
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने छोटे ऋण देने वाले माइक्रोफाइनांस संस्थानों के लिए क्रैडिट गारंटी योजना-2.0 (सीजीएसएमएफआई-2.0) शुरू की है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों को राष्ट्रीय ऋण गारंटी न्यास कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) को उनके माध्यम से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-माइक्रोफाइनांस संस्थानों और माइक्रोफाइनांस संस्थानों को छोटे उधारकर्ताओं को आगे ऋण देने के लिए प्रदान की गई वित्तीय सहायता पर संभावित नुक्सान के खिलाफ गारंटी कवर प्रदान करना है।
छोटे एनबीएफसी और माइक्रोफाइनांस संस्थानों के लिए डिफॉल्ट राशि का 80%, मध्यम के लिए 75% और बड़े संस्थानों के लिए 70% तक राशि दी जाएगी। इस गारंटी के लिए पहले साल स्वीकृत राशि पर और उसके बाद बकाया राशि पर 0.50% प्रतिशत का गारंटी शुल्क देना होगा। छोटे उधारकर्ताओं को आगे ऋण देते समय ये संस्थान पिछले 6 महीने की औसत ऋण दर से एक प्रतिशत कम ब्याज दर निर्धारित करेंगे। ये योजना 20,000 करोड़ रुपए तक के ऋण की गारंटी के लिए लाई गई है।