22 मार्च को 34वां “विश्व जल दिवस” मनाया गया, इस के साथ 39वां “चीन जल सप्ताह” भी शुरू हो गया। उसी दिन आयोजित “जल संरक्षण चीन यात्रा ‘हफेई, आनह्वेई’ विषय पर आधारित प्रचार कार्यक्रम में यह जानकारी मिली कि 2025 में चीन में गैर-पारंपरिक जल उपयोग 25 अरब घन मीटर से अधिक हो गया है।
गैर-पारंपरिक जल स्रोतों से तात्पर्य पुनर्चक्रित जल, वर्षा जल, समुद्री जल और विलवणीकृत समुद्री जल, खान (कुएं) का जल, खारा जल आदि से है, जिनका उपयोग उपचार के बाद किया जा सकता है या कुछ शर्तों के तहत सीधे उपयोग किया जा सकता है।
गैर-पारंपरिक जल स्रोतों का विकास और उपयोग जल आपूर्ति बढ़ाने, सीवेज निर्वहन को कम करने, जल संसाधन आवंटन प्रणाली को अनुकूलित करने और जल संसाधन उपयोग दक्षता में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए एक अंतर्निहित आवश्यकता है।
गैर-पारंपरिक जल उपयोग को उदाहरण के तौर पर लेते हुए, चीन ने हाल के वर्षों में कृषि जल संरक्षण और दक्षता सुधार, औद्योगिक जल संरक्षण और उत्सर्जन में कमी, और शहरी जल संरक्षण और हानि में कमी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हैं।
इन उपलब्धियों के पीछे नए युग में जल संरक्षण प्रयासों की निरंतर प्रगति निहित है। चीन के आधुनिकीकरण के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जल संरक्षण एक रणनीतिक विकल्प बन गया है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)