नई दिल्ली: पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने बताया है कि भारत में अभी फ्यूल की कोई कमी नहीं है। देश के पास क्रूड ऑयल, पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे कम से कम अगले दो महीनों तक सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं होगी। सरकार ने यह भी कहा कि भले ही मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में चल रहे तनाव की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारत ने स्थिति को संभालने के लिए पहले से तैयारी कर रखी है।
मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की रिफाइनरियां अभी पूरी क्षमता (100% या उससे ज्यादा) पर काम कर रही हैं। साथ ही, भारत में LPG (रसोई गैस) का घरेलू उत्पादन भी करीब 20% बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अपनी LPG का लगभग 90% हिस्सा आयात करता है, और इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है। इसी वजह से जब सप्लाई पर असर पड़ा, तो सरकार ने सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं (घर में इस्तेमाल होने वाली गैस) को प्राथमिकता दी।
इस दौरान कमर्शियल LPG (जैसे होटल, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली गैस) की सप्लाई कुछ समय के लिए कम कर दी गई थी। फिर धीरे-धीरे इसे बढ़ाया गया, पहले 20% सप्लाई शुरू की गई। फिर 30% तक बढ़ाई गई (PNG नेटवर्क के लिए), उसके बाद 50% और अब इसे बढ़ाकर 70% कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, 14 मार्च से अब तक लगभग 30,000 टन कमर्शियल LPG की सप्लाई की जा चुकी है। इस गैस की सप्लाई में रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन और जरूरी उद्योगों (जैसे स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और प्लास्टिक) को प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा, प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए करीब 30,000 छोटे (5 किलो वाले) गैस सिलेंडर भी वितरित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी कदमों से देश में फ्यूल की सप्लाई को स्थिर बनाए रखने और आम लोगों तक जरूरी ईंधन पहुंचाने में मदद मिली है।
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