इंटरनेशनल डेस्क: नोबेल अर्थशास्त्र पुरस्कार विजेता और अमेरिकी अर्थशास्त्री थॉमस सार्जेंट ने हाल ही में चाइना मीडिया ग्रुप को एक विशेष साक्षात्कार दिया। उन्होंने कई बार चीन की यात्रा की है और चीन के तेज विकास का रहस्य ढूंढने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि चीन का विकास किसी करिश्मे से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस साल मैं 82 वर्ष का हो चुका हूं ।जब मैं चालीस वर्ष का था ,चीन एक बहुत गरीब देश था ।पर आज मैंने जिन चीनी शहरों का दौरा किया , उनमें कई शहर विश्व की अग्रिम पंक्ति में शामिल हो चुके हैं। चीन जैसे इतने बड़े देश ने इतने कम समय में ऐसा विकास पूरा किया ,यह इतिहास में अभूतपूर्व है ।अर्थशास्त्री की नजर में यह सच्चे माइने में करिश्मा है ।
उन्होंने कहा कि कई दशकों में चीन व्यवस्थित रूप से खुलेपन पर कायम रहता है और वस्तु व सेवा व्यापार ,सीमा पार मुक्त व्यापार करता है ।ये चीन की सफलता की कुंजी है ।बाजार खोलना ,वैज्ञानिक विकास बढ़ाना ,सीखने को महत्व देना ,उच्च शिक्षा पर बल देना ,प्रोफेसरों और छात्रों की वैज्ञानिक भावना का अनुसरण ,ये सब सफलता के घटक हैं ।इस सबके पीछे चीनी नेताओं के फैसलों ने जीवंत शक्ति ,नावचार शक्ति ,उद्यमियों की भावना ,वैज्ञानिक व तकनीकी क्षमता प्रेरित की है ।वर्तमान में चीन विभिन्न वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अग्रसर है ।इसके अलावा इस सफलता का श्रेय चीनी जनता की जीवंत शक्ति और विशिष्ट चरित्र को भी जाता है ।इतिहास बार-बार साबित करता है कि खुलेपन पर कायम रहने ,उद्यमियों की भावना प्रेरित करने ,स्थिर व्यवस्था ,नियमावली और अच्छे वाणिज्यिक वातावरण संपन्न देश हमेशा बड़ी प्रगति प्राप्त कर सकते हैं ।
साक्षात्कार में उन्होंने चीन की पंचवर्षीय योजना का उच्च मूल्यांकन किया । उन्होंने कहा कि चीन की पंचवर्षीय योजनाएं एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई हैं ।वे सामाजिक संसाधनों को लक्ष्यों की ओर बढ़ाती हैं।उन्होंने कहा कि अधिकांश मान्य अर्थशास्त्री मुक्त व्यापार और सीमा खोलने और पारस्परिक आदान प्रदान का समर्थन करते हैं ।अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने कहा कि हमें टैरिफ बढ़ाना और विनिर्माण उद्योग की अमेरिका में वापसी को बढ़ाना चाहिए। वास्तव में ऐसे कदम विरोधाभास है ।अब तक कोई प्रमाण नहीं है कि विनिर्माण उद्योग अमेरिका में लौट रहा है ।ऊंचे टैरिफ लगाने से अमेरिकी बाजार बंद होगा ,जिससे विनिर्माण उद्योग के रोजगार वापस नहीं आएंगे। यह मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था नहीं है ।कथित रूप से चीन से पूरी तरह अलग होना असंभव है ।क्योंकि इंजीनियरिंग ,रसायन और भौतिकी जैसे कई क्षेत्रों में चीन विश्व में अग्रसर हो चुका है।
बातचीत में उन्होंने कहा कि अनिश्चितताओं से भरे विश्व में स्थिर नियम ,विश्वसनीय वादे और खुला सहयोग खतरे कम करने और विश्वास बढ़ाने का आधार हैं ।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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