
पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि इनमें से एक ने ग्रेनेड फेंका, जबकि दूसरा आरोपी हमले का वीडियो रिकॉर्ड कर विदेश में बैठे हैंडलरों तक भेजने का काम कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपी रूपनगर जिले के रत्नगढ़ गांव निवासी अमनप्रीत और गुरतेज हैं। दोनों पहले ही हिरासत में थे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी अब सार्वजनिक की गई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों सीधे तौर पर हमले में शामिल थे और इस घटना की योजना विदेश में बैठे आईएसआई से जुड़े हैंडलरों द्वारा बनाई गई थी।
पुर्तगाल और जर्मनी से जुड़े तार
जांच में यह भी पता चला कि इस साजिश के तार यूरोप के देशों, खासकर पुर्तगाल और जर्मनी से जुड़े हुए थे। एक आरोपी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, जो पहले जर्मनी समेत अन्य यूरोपीय देशों में रह चुका है, ने पुर्तगाल से विस्फोटक सामग्री भारत में भेजने का काम किया। यह सामग्री भाजपा कार्यालय तक पहुंची, जिसका इस्तेमाल ग्रेनेड हमले में किया गया।
पहले गिरफ्तार 5 अन्य आरोपी
इससे पहले पुलिस ने इस मामले में पांच अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें नवांशहर के तीन और संगरूर तथा शिमला के एक-एक आरोपी शामिल हैं। ये सभी हथियार और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने में शामिल थे। पुलिस ने बताया कि इन आरोपितों को मोहाली में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
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पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी
पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगा रही हैं। जांच में यह सामने आया है कि इस मॉड्यूल में शामिल एक युवक, जो पुर्तगाल से छुट्टियां मनाने भारत आया था, ने स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से विस्फोटक सामग्री की सप्लाई में अहम भूमिका निभाई। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और विदेशों में बैठे हैंडलरों तक पहुंचने के लिए कई सुराग मिले हैं।