अमेरिकी मिशन के लिए दी बधाई
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की और व्यक्तिगत तौर पर उन्हें उनके हिम्मत वाले फैसले और दुश्मन के इलाके से निशाना बनाए गए पायलट को बचाने के लिए अच्छी तरह से किए गए अमेरिकी मिशन के लिए बधाई दी थी।” इजरायली प्रधानमंत्री ने बताया कि अमेरिका के इस मिशन में इजरायल ने अमेरिका का साथ दिया। पीएम नेतन्याहू ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल की मदद के लिए उनकी सराहना की।
I spoke earlier with President @realDonaldTrump and personally congratulated him on his bold decision and a perfectly executed American mission to rescue the downed pilot from enemy territory.
The President expressed his appreciation for Israel’s help.
I am deeply proud that…
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) April 5, 2026
उन्होंने कहा, “मुझे बहुत गर्व है कि लड़ाई के मैदान में और उसके बाहर हमारा सहयोग अभूतपूर्व है और इजरायल एक बहादुर अमेरिकी योद्धा को बचाने में मदद कर सका।”
अमेरिका के दावे पर लगाया प्रश्न चिन्ह
दूसरी तरफ ईरान ने इस ऑपरेशन के सफल होने के अमेरिका के दावे पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया। फिनलैंड में ईरानी दूतावास ने कहा, “एक सवाल जिसका जवाब आप नहीं देंगे: बहादुरी भरा बचाव था या नाकामी को छिपाने की कोशिश? मान लेते हैं कि आप जो भी दावा कर रहे हैं वह सच है और आपने बिना किसी नुकसान के दूसरा बचाव किया। जैसा कि कहा जाता है, असंभव लगने वाली बातों पर भी कभी-कभी विश्वास करना पड़ता है। लेकिन मुद्दा यह है कि जिसे आप अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसिक सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन बता रहे हैं और जिसे दुनिया की सबसे पेशेवर और खतरनाक सेना ने अंजाम दिया, वह आखिरकार एक ही क्रू मेंबर को बचाने तक सीमित था।”
ईरानी दूतावास ने आगे कहा कि इस एक रेस्क्यू ऑपरेशन में उतना समय और मेहनत लगी, जितना उन अभियानों में भी नहीं लगी जिन्हें आप कभी सरकार बदलने वाली तेज सफलता के रूप में पेश करते रहे हैं। सच तो यह है कि यह कोई ऐसा मौका नहीं है जिस पर गर्व किया जाए। लोग पहले से ही इस सेना के किए गए काम को लेकर शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं।
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