Last Updated: September 25, 2026

Dainik Savera Times Logo

1 पायलट को बचाने के लिए लगा दिए 155 एयरक्राफ्ट, जानें अमेरिकी सेना ने ईरान में घुसकर कैसे पूरा किया मिशन?

April 7, 2026

1 पायलट को बचाने के लिए लगा दिए 155 एयरक्राफ्ट, जानें अमेरिकी सेना ने ईरान में घुसकर कैसे पूरा किया मिशन?

US Military: डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए एक अत्यंत जोखिम भरे सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन की खुलकर सराहना की। उन्होंने इसे “इतिहास के सबसे कठिन और खतरनाक मिशनों में से एक” बताते हुए सेना की बहादुरी को सलाम किया। यह मिशन उस समय अंजाम दिया गया जब दो अमेरिकी पायलट, F-15E विमान से इजेक्ट होकर ईरान के इलाके में उतर गए थे। राष्ट्रपति के अनुसार, दोनों एयरमैन दुश्मन क्षेत्र में फंसे हुए थे, जहां से उन्हें सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

हेलीकॉप्टर में लगी गोलियां
ट्रंप ने बताया कि इस ऑपरेशन के लिए बड़ी संख्या में सैन्य संसाधनों को लगाया गया। शुरुआती चरण में 21 एयरक्राफ्ट दुश्मन की फायरिंग के बीच घंटों तक उड़ान भरते रहे। इस दौरान एक हेलीकॉप्टर को गोलियां भी लगीं, फिर भी मिशन जारी रखा गया और एक पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया। पहले पायलट को निकालने के लिए HH-60 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया, जिसने दुश्मन के इलाके में घुसकर सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। इसके बाद दूसरे क्रू मेंबर की तलाश के लिए और भी बड़ा अभियान शुरू किया गया।

ये भी पढ़ें- देशभर में बदलेगा मौसम का मिजाज: NCR में बारिश के आसार, राजस्थान में ओलावृष्टि का अलर्ट

 

दूसरे चरण में लगाए 155 एयरक्राफ्ट
दूसरे चरण में कुल 155 एयरक्राफ्ट लगाए गए, जिनमें फाइटर जेट, रिफ्यूलिंग टैंकर और रेस्क्यू विमान शामिल थे। ट्रंप के अनुसार, घायल अधिकारी ने गंभीर हालत में भी हिम्मत नहीं हारी और पहाड़ी इलाके में चढ़कर अपनी लोकेशन अमेरिकी बलों तक पहुंचाई। ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने रणनीतिक निर्णय लेते हुए अपने दो कार्गो विमानों को नष्ट कर दिया, ताकि वे दुश्मन के हाथ न लगें। इसके बाद विशेष बलों ने इलाके में उतरकर दुश्मन से मुकाबला किया और फंसे हुए अधिकारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन
ट्रंप ने इस मिशन को “साहस, सटीकता और सैन्य शक्ति का अद्भुत प्रदर्शन” बताते हुए कहा कि अमेरिकी सेना अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ती। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह निर्णय जोखिम भरा था, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में सैनिकों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

ये भी पढ़ें- आज का राशिफल: बजरंगबली की कृपा से आज इन 3 राशियों के बनेंगे बिगड़े काम, जानें अन्य राशियों का हाल

 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें