Last Updated: September 21, 2026

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हवाई जहाज में फोन फ्लाइट मोड पर न डालें तो क्या होगा? सच जानिए

April 8, 2026

हवाई जहाज में फोन फ्लाइट मोड पर न डालें तो क्या होगा? सच जानिए

जब भी आप फ्लाइट में बैठते हैं टेकऑफ से पहले एक अनाउंसमेंट जरूर सुनाई देता है- “कृपया अपने मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड पर डाल लें।” कई लोग इसे सिर्फ एक औपचारिक नियम समझते हैं लेकिन इसके पीछे एक ठोस तकनीकी वजह होती है।

अगर आप सोचते हैं कि फोन फ्लाइट मोड पर न डालने से क्या सच में कुछ बड़ा फर्क पड़ता है तो आइए इसे समझते हैं।

फ्लाइट मोड असल में करता क्या है?
फ्लाइट मोड ऑन करते ही आपका फोन सभी वायरलेस सिग्नल- जैसे मोबाइल नेटवर्क, कॉलिंग और इंटरनेट- बंद कर देता है।
हालांकि आप चाहें तो इसमें Wi-Fi या Bluetooth अलग से चालू कर सकते हैं। यानि फ्लाइट मोड का मतलब है कि आपका फोन बाहर की नेटवर्क टावर से संपर्क करना बंद कर देता है।

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अगर फ्लाइट मोड ऑन नहीं करेंगे तो क्या होगा?
नेटवर्क सिग्नल लगातार खोजता रहेगा
जब आपका फोन फ्लाइट मोड पर नहीं होता, तो वह लगातार नजदीकी मोबाइल टावर से कनेक्ट होने की कोशिश करता रहता है।
ऊंचाई पर उड़ते समय एक फोन एक साथ कई टावर से सिग्नल पकड़ने की कोशिश करता है, जिससे नेटवर्क सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।

पायलट के कम्युनिकेशन में हल्का इंटरफेरेंस

यह सबसे बड़ा कारण है।
हालांकि आज के आधुनिक विमानों में सिस्टम काफी सुरक्षित और शील्डेड होते हैं फिर भी कई एक्टिव डिवाइसेज मिलकर रेडियो सिग्नल में हल्का इंटरफेरेंस पैदा कर सकते हैं।

यह इंटरफेरेंस बहुत बड़ा खतरा नहीं होता लेकिन पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच कम्युनिकेशन में “noise” या हल्की गड़बड़ी ला सकता है- जो टेकऑफ और लैंडिंग जैसे अहम समय में सही नहीं है।

बैटरी तेजी से खत्म होगी
ऊंचाई पर नेटवर्क कमजोर होता है इसलिए आपका फोन लगातार सिग्नल खोजता रहता है। इससे फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है और फोन गर्म भी हो सकता है।

कॉल या इंटरनेट काम भी नहीं करेगा
कई लोग सोचते हैं कि फ्लाइट मोड न डालने से वे कॉल या इंटरनेट इस्तेमाल कर पाएंगे लेकिन हकीकत में ऊंचाई पर नेटवर्क ठीक से काम ही नहीं करता। यानि फ्लाइट मोड ऑफ रखने का कोई खास फायदा भी नहीं मिलता।

क्या यह सच में खतरनाक है?
यह सबसे जरूरी सवाल है। आज के समय में एक-दो फोन फ्लाइट मोड पर न होने से प्लेन क्रैश जैसी कोई घटना नहीं होती। आधुनिक विमान काफी एडवांस होते हैं और उन्हें ऐसे इंटरफेरेंस से बचाने के लिए डिजाइन किया जाता है।

लेकिन अगर सैकड़ों लोग एक साथ फोन ऑन रखें तो यह अनावश्यक रिस्क और तकनीकी परेशानी पैदा कर सकता है।
इसीलिए यह एक सेफ्टी प्रोटोकॉल है जिसे हर यात्री को फॉलो करना चाहिए।

फ्लाइट में Wi-Fi कैसे चलता है?
आजकल कई एयरलाइंस फ्लाइट में Wi-Fi सुविधा देती हैं। यह एक अलग सैटेलाइट-आधारित सिस्टम होता है जो सामान्य मोबाइल नेटवर्क से अलग काम करता है। इसलिए फ्लाइट मोड ऑन रखते हुए भी आप Wi-Fi इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ्लाइट मोड सिर्फ एक नियम नहीं बल्कि आपकी और सभी यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा एक छोटा लेकिन जरूरी कदम है। भले ही इससे कोई बड़ा खतरा न हो लेकिन इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। थोड़ी सी सावधानी आपकी यात्रा को और ज्यादा सुरक्षित और सुगम बना सकती है।

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