नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने सुबह से शाम तक चले अभियान में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील कर दिया, जिससे हजारों लोगों की रोजी-रोटी छिन गई।

सुबह से शुरू हुआ अभियान
सीलिंग की कार्रवाई सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक जारी रही। प्रशासन की सात टीमों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ कार्रवाई की। भारी पुलिस बल पहले से तैनात था और पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी गई थी, ताकि कोई विरोध ज्यादा न बढ़ सके। सबसे पहले एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज पर सील लगाई गई। इसके बाद रंगोली मंडप, सुधा हॉस्पिटल, सेंडफॉर्ड अस्पताल और अमेरिकन किड्स स्कूल जैसे कई संस्थानों पर कार्रवाई हुई।
दुकानों, अस्पतालों और कॉम्प्लेक्स पर असर
अभियान के दौरान कई कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अस्पताल, स्कूल और गोदाम सील किए गए। सुमित नर्सिंग होम के पास स्थित एक बड़े कॉम्प्लेक्स की 30 से ज्यादा दुकानों को बंद कर दिया गया। इसके अलावा कई अन्य इमारतों में भी कार्रवाई की गई। पहले भी इलाके की 144 दुकानों पर ताले लग चुके थे, जबकि बुधवार को करीब 350 और दुकानें बंद हो गईं। कुल मिलाकर बड़ी संख्या में व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गईं।

व्यापारियों का विरोध और भावुक माहौल
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और उनके परिवारों ने अधिकारियों से काफी गुहार लगाई। कई लोग रोते-बिलखते रहे और अपनी आजीविका बचाने की अपील करते रहे, लेकिन प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी। कुछ जगहों पर व्यापारियों के बीच ही विवाद हो गया। आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों को राहत दी जा रही है जबकि बाकी के खिलाफ सख्ती हो रही है। इस दौरान बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिसे पुलिस ने संभाला।
व्यापारियों के प्रतिष्ठान भी नहीं बचे
कार्रवाई में व्यापारी नेताओं के प्रतिष्ठान भी नहीं बचे। कई बड़े कॉम्प्लेक्स और होटलनुमा इमारतों पर भी सील लगा दी गई। कुछ जगहों पर निरीक्षण के बाद सीढ़ियों और प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया गया।

लोगों की परेशानी
इस कार्रवाई से करीब 40 हजार लोगों के रोजगार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। कई दुकानदारों ने कहा कि वे वर्षों से कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सब बंद हो गया है। एक दुकानदार ने बताया कि 25 साल का काम एक दिन में खत्म हो गया और अब आगे क्या करेंगे, समझ नहीं आ रहा। दूसरे व्यापारी ने कहा कि वे इतने सक्षम नहीं हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जाकर अपनी बात रख सकें। कुछ स्थानीय निवासियों ने भी विरोध किया और कहा कि वे लंबे समय से यहां रह रहे हैं, फिर भी उनके घरों पर नोटिस लगाकर सील कर दिया गया।
प्रशासन का पक्ष
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत की गई है। नियमों के अनुसार अवैध या गलत तरीके से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर यह कदम उठाया गया है।
बाजार पर बड़ा असर
बताया जा रहा है कि सेंट्रल मार्केट में हर महीने लगभग 20 करोड़ रुपये का कारोबार होता था। इस कार्रवाई के बाद पूरा बाजार प्रभावित हो गया है और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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