पंजाब डेस्क: जालंधर में एक सड़क विवाद का मामला सामने आया है। बता दें कि एपीजे कॉलेज के पास लगाए गए नाके पर एक टैक्सी चालक और पुलिसकर्मियों के बीच बड़ी बहस हो गई।
जानकारी के अनुसार, युवक अपनी गर्भवती पत्नी को अस्पताल लेकर जा रहा था, तभी पुलिस ने उसकी कार को रोक लिया। पुलिस ने कथित तौर पर सीट बेल्ट न लगाने को आधार बनाते हुए कार्रवाई शुरू की, जिस पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
आपात स्थिति में भी नहीं मिली राहत का आरोप
युवक का कहना है कि उसने पुलिस से बार-बार अनुरोध किया कि केवल चालान काट दिया जाए और उसे अस्पताल जाने दिया जाए, क्योंकि उसकी पत्नी गंभीर दर्द में थी। उसने यह भी दावा किया कि मेडिकल दस्तावेज दिखाने के बावजूद पुलिसकर्मी वाहन की जांच और दस्तावेजों की प्रक्रिया पर अड़े रहे, जिससे देरी बढ़ती गई।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के दौरान युवक ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप भी लगाए। उसका दावा है कि कुछ अधिकारियों से शराब जैसी गंध आ रही थी। विवाद के बीच जब उसने वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू किया, तो मौके पर मौजूद एक ट्रैफिक कर्मी को वहां से हटा दिया गया और कुछ देर बाद ट्रैफिक बूथ को बंद कर दिया गया।
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घटना का वीडियो बनाने के बाद वहां मौजूद ट्रैफिक अधिकारी ने एक मुलाजिम को वहां से हटा दिया और बाद में ट्रैफिक बूथ को ताला लगाकर चले गए। युवक भावुक नजर आया और उसने कहा कि यदि उसकी पत्नी या बच्चे को किसी तरह का नुकसान होता है तो वह जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा। फिलहाल इस मामले में आधिकारिक पुलिस बयान का इंतजार किया जा रहा है।