Asha Bhosle journey struggle : भारतीय संगीत जगत में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो सिर्फ गायक नहीं बल्कि एक युग बन जाते हैं। ऐसी ही महान गायिका थीं आशा भोसले। उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने करियर की शुरुआत की और अपनी आवाज से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनकी खास बात यह थी कि उन्होंने हर दौर के साथ खुद को बदला और हमेशा नई शैली में गाना गाया। हालांकि आशा भोसले को मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने 92 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है।
10 साल की उम्र में गाया पहला गाना
एक इंटरव्यू में आशा भोसले ने बताया था कि उन्होंने सिर्फ 10 साल की उम्र में अपना पहला गाना गाया था। यह साल 1943 का समय था। उन्होंने कहा “मैं बहुत डर रही थी क्योंकि मुझे पता ही नहीं था कि माइक क्या होता है।” “पहली बार माइक के सामने खड़े होकर गाना मेरे लिए नया अनुभव था।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता गाने रिकॉर्ड करते थे, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली। अपनी बड़ी बहन Lata Mangeshkar को गाते देखकर उन्हें लगा कि वह भी गा सकती हैं।
संघर्ष से भरा सफर
आशा भोसले ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के बारे में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करना आसान नहीं था। सुबह 10 बजे स्टूडियो पहुंचना। रात 10–11 बजे तक काम करना। कभी-कभी सुबह 8 बजे तक रिकॉर्डिंग चलती थी। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं।
20 भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने
आशा भोसले ने अपने करियर में लगभग 20 भाषाओं में गाने गाए। इनमें शामिल हैं:
उन्होंने 12,000 से ज्यादा गाने गाए और उनके नाम Guinness World Records में रिकॉर्ड दर्ज है।
हर तरह के गानों में मिली महारत
आशा भोसले ने सिर्फ एक ही तरह के गाने नहीं गाए, बल्कि हर शैली में अपनी पहचान बनाई।
हर शैली में उनकी आवाज लोगों को बहुत पसंद आई।
उनके मशहूर गाने
आशा भोसले ने कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी। कुछ प्रसिद्ध गाने हैं।
सम्मान और उपलब्धियां
आशा भोसले के योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया।
ये सम्मान उनके संगीत जगत में अमूल्य योगदान को दर्शाते हैं।
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