नेशनल डेस्क। आशा भोसले की बात हो और उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर का जिक्र न हो, ऐसा हो नहीं सकता। दोनों बहनों ने संगीत की दुनिया में नए आयाम स्थापित किए। ये भी कह सकते हैं कि दोनों के जाने से बॉलीवुड में सूनापन छा गया है। इसे दूर करना मुश्किल ही नहीं असंभव है।
आशा भोसले बहुमुखी और जीवंत गायिकाओं में से एक मानी जाती थी। उनका लंबा तो है लेकिन दिलचस्प भी। आइए चर्चा करते हैं उनसे जुड़े कुछ रोचक किस्सों की। आशा भोसले ने छोटी उम्र में गाना शुरू कर दिया था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मजबूरी में उन्होंने फिल्मों में गाना शुरू किया।
दोनों महान गायिकाएं आशा और लता जी दीनानाथ मंगेशकर की बेटियां थीं। परिवार में संगीत का माहौल था, इसलिए दोनों ने बचपन से ही गाना शुरू किया। दोनों का रिश्ता भारतीय संगीत इतिहास का सबसे चर्चित और दिलचस्प भाई-बहन संबंधों में से एक रहा है। दोनों सगी बहनें थीं, लेकिन उनके रिश्ते में कई उतार-चढ़ाव भी आए। फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक यह चर्चा रही कि दोनों बहनों के बीच दूरी है। कुछ इंटरव्यूज़ में भी दोनों के बीच प्रोफेशनल मतभेदों की झलक मिली। दोनों बहनों के बीच त्याग कोई एक घटना नहीं, बल्कि पूरे जीवन में संघर्ष था। दोनों के जीवन में जिम्मेदारी, समझदारी और रिश्ते को बनाए रखने की कोशिश ने उन्हें दूर रहते हुए भी एक बनाए रखा। शुरुआती दूरियों के बावजूद, दोनों ने रिश्ते को टूटने नहीं दिया। परिवार के समारोहों और खास मौकों पर साथ आना इस बात का संकेत था कि रिश्ते को बचाने की कोशिश दोनों तरफ से हुई।
ये बात कम लोग जानते हैं कि आशा भोसले बेहतरीन कुक थीं। दुबई और कुवैत में उनके नाम से रेस्टोरेंट भी चलते हैं, जहां उनके पसंदीदा व्यंजन परोसे जाते हैं। आशा भोसले को हजारों गाने रिकॉर्ड करने के लिए जाना जाता है। उनका नाम दुनिया के सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में शामिल किया जाता है। यदि लता मंगेशकर को मेलोडी क्वीन माना गया तो आशा भोसले को बहुमुखी प्रतिभा की धनी सिंगर के रूप में पहचान मिली। यह रिश्ता सिर्फ प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि संघर्ष, दूरी, सम्मान और अपनापन—सबका मिश्रण था। यही कारण है कि Asha Bhosle और Lata Mangeshkar की जोड़ी भारतीय संगीत इतिहास में हमेशा खास बनी रहेगी।
आशा भोसले और लता मंगेसकर का रिश्ता सिर्फ प्रतिस्पर्धा का तो था ही, उसमें कई मौके ऐसे भी आए जब दोनों ने एक-दूसरे के लिए त्याग, समझ और सम्मान दिखाया। ये बातें अक्सर कम चर्चा में आती हैं। पिता दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी दोनों बहनों पर आ गई। लता मंगेशकर ने बड़ी बहन होने के नाते पूरे परिवार को संभाला। आशा भोसले ने भी कम उम्र में काम शुरू कर परिवार की आर्थिक मदद की। यह दोनों का एक-दूसरे के लिए सबसे बड़ा त्याग था अपने बचपन और निजी जीवन को पीछे रखना। दोनों ने कभी भी एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर विवाद नहीं किया। इंटरव्यू में भी मर्यादा बनाए रखी।

दोनों बहने बेशक प्रतिस्पर्धी रहीं लेकिन दोनों एक दूसरे के हुनर को सम्मान देती थीं। आशा भोसले ने कई बार कहा कि लता दीदी उनकी प्रेरणा हैं। लता मंगेशकर ने भी आशा की बहुमुखी प्रतिभा की सराहना की। प्रतिस्पर्धा के बावजूद सम्मान बनाए रखना आसान नहीं होतायह भी एक त्याग और परिपक्वता है।
उनकी और आरडी बर्मन की जोड़ी संगीत जगत की सबसे हिट जोड़ियों में से एक रही। दोनों ने मिलकर कई सुपरहिट गाने दिए। बाद में दोनों ने शादी भी की। ये खुद एक दिलचस्प प्रेम कहानी थी। आशा भोसले ने कम उम्र में घर के खिलाफ जाकर शादी कर ली थी, जिससे परिवार में तनाव पैदा हुआ। इस कारण कुछ समय तक उनका और लता मंगेशकर का रिश्ता ठंडा रहा।

कॅरिअर की शुरुआत में उन्हें बड़े बैनरों या हीरोइनों के लिए गाने नहीं मिलते थे। उनकी बहन लता मंगेशकर पहले से ही स्थापित थीं। इसलिए उन्हें दूसरे दर्जे की फिल्मों में हाथ आजमाना पड़ता। यही कारण है कि खुद को स्थापित करने के लिए उन्हें हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, तमिल, अंग्रेज़ी समेत 20 से अधिक भाषाओं में गाना पड़ा। यही प्रतिभा उन्हें दुनिया के अन्य गायकों से अलग बनाती है।
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