कुरुक्षेत्र। The CM started the Baisakhi Festival बैसाखी महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया। उन्होंने छह फीट की रंग-बिरंगी पतंग उड़ाकर परंपरागत संस्कृति का निर्वहन करते हुए बैसाखी महोत्सव का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने महोत्सव में लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
यह महोत्सव अपने आप में एक अनूठा महोत्सव है। इस महोत्सव से एक मंच पर हरियाणा और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत के झरोखों को आत्मसात करने का अवसर मिल रहा है। उपायुक्त ने बताया कि शाम सात बजे प्रसिद्ध कलाकार लखविंद्र वडाली मुख्य मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे, 14 अप्रैल को मुख्य मंच पर शाम सात बजे प्रसिद्ध कलाकार कुलविंद्र बिल्ला की प्रस्तुति होगी। इस सांस्कृतिक संध्या में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समापन समारोह में पहुंचेंगे।

बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रदर्शनी के दौरान आमजन को दिखाया जाएगा कि कैसे गेहूं निकाला जाता है और उसकी बारीकियों के बारे में विस्तार से विशेषज्ञों की ओर से जानकारी दी जाएगी। बैसाखी महोत्सव में लस्सी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी विभिन्न तरीकों से लस्सी बनाएंगे। इस लस्सी प्रतियोगिता में वे शुद्ध व्यंजनों का प्रयोग करेंगे। इसके लिए अलग से कमेटी की ड्यूटी लगाई गई है।
इस महोत्सव में 13 अप्रैल को प्रसिद्घ कलाकार लखविन्द्र वडाली की कल्चरल नाइट होगी, वहीं 14 अप्रैल को प्रसिद्घ लोक कलाकार कुलविन्द्र बिल्ला अपनी प्रस्तुति देंगे। डीसी विश्राम मीणा ने बैसाखी महोत्सव 2026 को होने वाले तमाम कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा सबके समक्ष रखा। पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, ओएसडी डा. प्रभलीन सिंह ने भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से कुरुक्षेत्र की धरा पर होने वाला पहला बैसाखी महोत्सव हर लिहाज से ऐतिहासिक और यादगार रहेगा।

डीसी ने कहा कि बैसाखी महोत्सव में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में 38 लाख से ज्यादा इनाम दिए जाएंगे। इनमें आमजन की भागीदारी भी रहेगी। इस महोत्सव में दांतों से वजन खिंचने वाले नरेन्द्र सिंह, सर्कल कबड्डी का मैच भी आकर्षण का केन्द्र रहेगा। इसके अलावा महिला व पुरुषों का दंगल, दस्तारबंदी, गतका, हरियाणवी स्टाईल पगड़ी, महिलाओं की मटका दौड़, पतंग प्रतियोगिता, विद्यार्थियों के बीच मेंहदी, रंगौली और पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा।
बैसाखी महोत्सव 2026 में सबसे अच्छी दस्तार सजाने वाले व्यक्ति को 11 हजार रुपए का ईनाम दिया जाएगा। इस महोत्सव में पहली बार दस्तारबंदी को लेकर सीनियर व जूनियर वर्ग की 2 प्रतियोगिताएं रखी गई है। हर वर्ग में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को 11-11 हजार, द्वितीय को 8100-8100 रुपए, तृतीय को 5100-5100 रुपए की ईनाम राशि दी जाएगी।
धुमन सिंह किरमच, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, चेयरमैन धर्मवीर डागर, जिला परिषद की चेयरपर्सन कंवलजीत कौर, भाजपा जिला अध्यक्ष तिजेन्द्र सिंह गोल्डी, भाजपा नेता जयभगवान शर्मा, शुगरफैड के पूर्व चेयरमैन हरपाल सिंह चीका, कंवलजीत सिंह अजराना,एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अमन कुमार, डा. अवनित सिंह वडैच सहित सिख समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने महिला और पुरुष कुश्ती दंगल का उद्घाटन किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा सर्कल कबड्डी, हरियाणवी पगड़ी बांधने की कला, दस्तारबंदी और गतका जैसे पारंपरिक खेलों और कलाओं का भी आयोजन किया गया। यह महोत्सव ग्रामीण जीवन और हरियाणा की समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है।
महोत्सव में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों पर हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण परिवेश की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का निरीक्षण किया और आयोजकों की सराहना की। यहां पारंपरिक हस्तशिल्प, खानपान और लोक संस्कृति को प्रदर्शित किया गया, जिससे लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिला।
महोत्सव के मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी आयोजित की जा रही है। 13 अप्रैल की शाम प्रसिद्ध कलाकार लखविंद्र वडाली प्रस्तुति देंगे, जबकि 14 अप्रैल को कुलविंद्र बिल्ला दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। समापन समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को और खास बनाएगी।
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मेष: दिन शुभ रहेगा...