चंडीगढ़। हम अप्रैल माह का मध्य भाग पार कर चुके हैं। इसके साथ ही प्रदेश में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। वीरवार को प्रदेश का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3.0 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया। औसत अधिकतम तापमान में भी 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिली। इस असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों को समय से पहले ही तेज गर्मी का सामना करने पर मजबूर कर दिया है।
प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रोहतक और फरीदाबाद में दर्ज किया गया, जहां पारा 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य सात जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास रहा। इससे दिन के समय लू जैसे हालात बन गए। हिसार, नारनौल, गुरुग्राम, नूंह और जींद जैसे जिलों में भी तापमान 39 डिग्री से ऊपर दर्ज किया। ये गर्मी बढ़ने के संकेत हैं।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर दोपहर के समय लू जैसे हालात महसूस किए जा रहे हैं। सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और लोग गर्मी से बचने के उपाय अपनाने लगे हैं। किसानों और मजदूरों को इस मौसम में अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी का असर सिर्फ दिन तक सीमित नहीं है, बल्कि रात का तापमान भी बढ़ने लगा है। औसत न्यूनतम तापमान में लगभग 1 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है. अधिकांश जिलों में रात का तापमान 17 से 22 डिग्री के बीच बना हुआ है. गुरुग्राम, फरीदाबाद और सिरसा में रातें अधिक गर्म और उमस भरी महसूस हो रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 17 और 18 अप्रैल को मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आंशिक बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी और हवाएं चलने की संभावना है। इससे लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि 19 और 20 अप्रैल से मौसम फिर साफ होने की संभावना है, जिससे तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होगी। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है, ताकि लू और गर्मी के प्रभाव से बचा जा सके।
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