Last Updated: September 21, 2026

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महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा और पीएम मोदी की नीयत में खोट : बलविंदर धालीवाल

April 16, 2026

महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा और पीएम मोदी की नीयत में खोट : बलविंदर धालीवाल

चंडीगड़: सेवानिवृत आईएएस अधिकारी और विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण बिल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षण कानून तक सीमित नहीं, बल्कि यह सरकार की नीयत की बात है। निष्पक्ष परिसीमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लेकिन सत्ताधारी पार्टी बिना जातिगत जनगणना कराए परिसीमन करवा कर इसका राजनीतिक फायदा लेना चाहती है। यही कारण है कि भाजपा वास्तविक प्रतिनिधित्व देने की बजाय, इसके कार्यान्वयन में देरी करने का रास्ता चुन रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी चाहती है कि महिलाओं को उनको आरक्षण मिलना चाहिए, लेकिन सत्ताधारी पार्टी की मनमर्जी नहीं चलेगी।

सबसे पहले जनगणना कराएं- धालीवाल 

धालीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह सबसे पहले जनगणना कराएं, जिसमें जातिगत जनगणना भी शामिल हो। इस महिला आरक्षण बिल में सभी वर्गों, विशेषकर ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने की गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने रूख पर कायम है। इस आरक्षण में ओबीसी और अल्पसंख्यों को उनका पूरा हिस्सा मिलना चाहिए। जिसे भाजपा जानबूझकर नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि जिसकी जितनी आबादी, उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी चाहिए। यह संविधान की सच्ची भावना को दर्शाता है। लेकिन भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सिद्धांत को लागू करने से बच रहे हैं। वर्तमान में देश में जनगणना की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। पहले जनगणना पूरी की जाए, साथ ही जाति जनगणना भी कराई जाए, ताकि देश की वास्तविक सामाजिक संरचना सामने आ सके। इसके बाद ही परिसीमन की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

भाजपा को परिसीमन लागू करने की इतनी जल्दबाजी क्यों?

उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को परिसीमन लागू करने की इतनी जल्दबाजी क्यों है? इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि कहीं इस पूरी प्रक्रिया के पीछे कोई राजनीतिक मंशा तो नहीं छिपी है। यदि भाजपा सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती, तो 2023 में जब इस विधेयक को संसद में सर्वसम्मति से समर्थन मिला और यह पारित भी हो गया, तब इसे तुरंत लागू किया जा सकता था। लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर भाजपा ने इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया है।

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