Last Updated: October 18, 2026

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अनिल अंबानी के पूर्व सहयोगियों को हिरासत में भेजा, बैंक लोन लोन फ्रॉड से जुड़ा मामला

April 16, 2026

अनिल अंबानी के पूर्व सहयोगियों को हिरासत में भेजा, बैंक लोन लोन फ्रॉड से जुड़ा मामला

नेशनल डेस्क। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को उद्योगपति अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के मामले में 5 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। राउज एवेन्यू कोर्ट में पीएमएलए के विशेष जज ने ईडी की कस्टोडियल पूछताछ की मांग को मंजूरी दी। हालांकि एजेंसी ने 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने 5 दिन की हिरासत दी।

सूत्रों के अनुसार, झुनझुनवाला और बापना, जो अनिल अंबानी के करीबी माने जाते हैं, को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत चल रही जांच में गिरफ्तार किया है। यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामलों के आधार पर शुरू हुई है। यह मामला रिलायंस ग्रुप की कंपनियों रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) में कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ा है, जिसमें दोनों अधिकारियों की अहम भूमिका होने का शक है।

झुनझुनवाला पहले रिलायंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं और रिलायंस कैपिटल लिमिटेड में वाइस चेयरमैन और डायरेक्टर भी थे। सूत्रों के अनुसार, उस दौरान आरएचएफएल और आरसीएफएल के कामकाज में उनकी अहम भूमिका थी। वहीं, बापना रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर और आरएचएफएल के डायरेक्टर रह चुके हैं और उन पर भी वित्तीय फैसलों में शामिल होने का आरोप है।

सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने दोनों को कथित तौर पर बैंक लोन के पैसे के दुरुपयोग और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल पाए जाने के बाद गिरफ्तार किया। इससे पहले इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें आरोप है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को 3,750 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। सीबीआई के अनुसार, एलआईसी को कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेश सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी देकर 4,500 करोड़ रुपए के निवेश के लिए प्रेरित किया गया था।

एजेंसी रिलायंस ग्रुप से जुड़े अन्य बैंक फ्रॉड मामलों की भी जांच कर रही है, जिसमें एसबीआई से जुड़े करीब 2,929.05 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला भी शामिल है। इस मामले में पहले अनिल अंबानी से भी पूछताछ की जा चुकी है। इस बीच, रिलायंस ग्रुप ने बयान जारी कर कहा कि झुनझुनवाला और बापना अब कंपनी के साथ जुड़े नहीं हैं और फिलहाल समूह की किसी भी कंपनी में काम नहीं कर रहे हैं।

कंपनी के अनुसार, झुनझुनवाला ने दिसंबर 2019 में और बापना ने सितंबर 2019 में समूह छोड़ दिया था और अब उनका रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड सहित किसी भी कंपनी से कोई संबंध नहीं है।

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