Canada Immigration Bill News : कनाडा में हाल ही में पारित किए गए नए इमिग्रेशन कानून ने हजारों विदेशी नागरिकों, खासकर पंजाबी छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। इस कानून के लागू होने के बाद करीब 30,000 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें लगभग 9,000 पंजाबी शामिल बताए जा रहे हैं। इन पर देश छोड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
नए इमिग्रेशन कानून के तहत भेजा गया नोटिस
सरकार द्वारा लाए गए इस नए प्रावधान के तहत शरणार्थी (refugee) दर्जे के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां लोग वर्क परमिट खत्म होने के बाद शरणार्थी आवेदन देकर लंबे समय तक कनाडा में रह सकते थे, अब उन्हें सीमित समय में ही आवेदन करना होगा। तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न करने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
इमिग्रेशन विभाग ने सभी प्रभावित लोगों को 21 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। यह समयसीमा मई की शुरुआत तक है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति समय पर जवाब नहीं देता, तो उसका वर्क परमिट रद्द कर दिया जाएगा और उसे देश छोड़ने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
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इस कानून का उद्देश्य इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाना: सरकार
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य इमिग्रेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाना और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना है। नए नियमों के तहत अब मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया को भी सरल किया गया है, जिससे पहले की तरह लंबी कानूनी देरी नहीं होगी।इस फैसले के खिलाफ छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है। विभिन्न देशों के छात्रों के साथ मिलकर पंजाबी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया और सरकार से मांग की कि वर्क परमिट रद्द करने और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
हर साल बड़ी संख्या में पंजाब से छात्र उच्च शिक्षा के लिए कनाडा जाते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए काम करने की अनुमति मिलती है। लेकिन अब नए नियमों ने उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी है। इस स्थिति को देखते हुए कई छात्र कानूनी सलाह लेने में जुट गए हैं।
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