इंटरनेशनल डेस्क: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) को आंशिक रूप से खोल दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को थोड़ी राहत मिली है और दूसरे देशों में फंसे लोग धीरे-धीरे अपने घर लौट सकेंगे।
ईरान के सिविल एविएशन विभाग के अनुसार, देश के पूर्वी हिस्से का एयरस्पेस अब ट्रांजिट फ्लाइट्स (यानी जो सिर्फ ऊपर से गुजरती हैं) के लिए खोल दिया गया है। इसके अलावा, कुछ एयरपोर्ट्स को सुबह 7 बजे से फिर से चालू करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इस फैसले के बाद भी ज़मीन पर बड़ा बदलाव तुरंत नहीं दिखा। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय विमान अभी भी ईरान के ऊपर से उड़ने से बच रहे हैं और लंबा रास्ता लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इसका मतलब है कि एयरलाइंस अभी भी पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरस्पेस खोलना एक अच्छा संकेत है, लेकिन मौजूदा हालात में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। इसी वजह से एयरलाइंस जोखिम लेने से बच रही हैं, भले ही उन्हें ज्यादा समय और ईंधन खर्च करना पड़े। दरअसल, हाल के दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव के कारण ईरान ने अपने एयरस्पेस को काफी हद तक बंद कर दिया था। अब इसे थोड़ा खोलना यह दिखाता है कि हालात धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश हो रही है।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर भी ईरान ने दावा किया है कि यह कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है। यह रास्ता बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। लेकिन ईरान ने यह भी कहा है कि वह इस पर अपनी निगरानी बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर इसे फिर से बंद कर सकता है।
वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपना सख्त रुख जारी रखा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाया गया ब्लॉकेड तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। बताते चलें कि, ईरान का एयरस्पेस खोलना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। आने वाले समय में ही पता चलेगा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से सामान्य तरीके से इस रास्ते का इस्तेमाल करती हैं या नहीं।
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