इंटरनेशनल डेस्क: उत्तरी इटली से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां भारतीय मूल के दो सिख व्यक्तियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात बर्गामो प्रांत के कोवो शहर में शुक्रवार देर रात हुई, ठीक उस समय जब स्थानीय सिख समुदाय वैसाखी के पर्व की तैयारियों में जुटा हुआ था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना एक औद्योगिक क्षेत्र में स्थित माता साहिब कौर जी गुरुद्वारा के बाहर हुई। रात करीब 12 बजे, जब दो लोग गुरुद्वारे से बाहर निकले, तभी एक हमलावर ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गया।
मृतकों की पहचान 48 वर्षीय राजिंदर सिंह और 48 वर्षीय गुरमीत सिंह के रूप में हुई है। राजिंदर सिंह कोवो में रहते थे, जबकि गुरमीत सिंह पास के अग्नाडेलो इलाके के निवासी थे। पुलिस को घटनास्थल से लगभग 10 खाली कारतूस बरामद हुए हैं, जिससे हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
टारगेट किलिंग की आशंका
प्रारंभिक जांच में इस घटना को सुनियोजित हमला माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह किसी अचानक हुए विवाद का परिणाम नहीं लगता, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई टारगेट किलिंग हो सकती है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि हमलावर भी भारतीय मूल का था और वह स्थानीय सिख समुदाय में जाना-पहचाना व्यक्ति था, जो अक्सर गुरुद्वारे आता-जाता था।
इस गोलीबारी में एक तीसरा व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिसे गोली छूकर निकल गई। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, गुरमीत सिंह के परिवार पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है उनके पीछे पत्नी और दो बच्चे हैं।
वैसाखी से पहले फैली दहशत
यह घटना वैसाखी से ठीक पहले हुई, जो सिख धर्म का एक प्रमुख त्योहार है और 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की याद में मनाया जाता है। गुरुद्वारे में अगले दिन एक बड़ा धार्मिक आयोजन होना था, जिसमें स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों के भी शामिल होने की संभावना थी। कोवो के मेयर ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सिख समुदाय पिछले 15 वर्षों से यहां शांति से रह रहा है और इस तरह की घटना पहले कभी सामने नहीं आई।
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जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, गवाहों से पूछताछ की जा रही है और बरामद कारतूसों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए पाविया भेजा गया है।