इंटरनेशनल डेस्क: कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में शनिवार को एक बड़ा धमाका हुआ, जिसमें एक बस को निशाना बनाया गया। इस घटना में 7 लोगों की मौत हो गई और 17 से अधिक लोग घायल हो गए। यह धमाका काउका प्रांत के काजिबियो इलाके में पैनअमेरिकन हाईवे पर हुआ, जब बस सड़क से गुजर रही थी। अचानक बस के अंदर रखा विस्फोटक फट गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
काउका के गवर्नर ओक्टावियो गुजमैन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक गंभीर हमला है। वहीं सेना के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने इसे आतंकवादी कार्रवाई बताया है। इस हमले के पीछे इवान मोर्डिस्को का नेटवर्क और जेम मार्टिनेज नाम का गुट जिम्मेदार हो सकता है। ये दोनों गुट पहले फार्क (FARC) नाम के विद्रोही संगठन से जुड़े थे, लेकिन 2016 में सरकार और फार्क के बीच हुए शांति समझौते को इन्होंने नहीं माना और अलग हो गए।
कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस हमले में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया है, जिनमें कई आदिवासी समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उन्होंने हमलावरों को आतंकवादी और ड्रग तस्कर बताया।
पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। जनरल लोपेज के मुताबिक, सिर्फ 48 घंटों के अंदर 26 आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार को ही एल टैम्बो इलाके में विस्फोटक से भरे तीन ड्रोन को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। इससे पहले शुक्रवार को काली और पल्मिरा शहरों में सेना की यूनिट्स के पास दो कार बम धमाके किए गए थे। इसके अलावा जमुंडी के ग्रामीण क्षेत्र में एक पुलिस स्टेशन पर भी गोलीबारी की गई।
अधिकारियों का कहना है कि काउका और वैले डेल काउका इलाके ड्रग तस्करी के बड़े केंद्र हैं। यहां सक्रिय विद्रोही गुट बुएनावेंचुरा बंदरगाह तक जाने वाले रास्तों पर कब्जा करना चाहते हैं, क्योंकि इन्हीं रास्तों से ड्रग्स को मध्य अमेरिका और यूरोप तक पहुंचाया जाता है।
रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा है कि सरकार इन हमलों का सख्त जवाब देगी और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं वैले डेल काउका की गवर्नर फ्रांसिस्का टोरो ने केंद्र सरकार से तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने और खुफिया कार्रवाई तेज करने की मांग की है।
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सरकार ने विद्रोही नेता मार्लोन को पकड़ने के लिए 10 लाख डॉलर से ज्यादा का इनाम घोषित किया है। साथ ही काली और पल्मिरा में हुए हमलों के दोषियों के बारे में जानकारी देने वालों को भी लगभग 14,000 डॉलर का इनाम देने की घोषणा की गई है।