चंडीगढ़। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव के लिए बुलाए हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र का कांग्रेस ने बहिष्कार किया। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिस विषय को सदन में लाया जा रहा है। वह विधानसभा से संबंधित है ही नहीं।
राजनीतिक विषय लेकर सरकार आ रही है। इस निंदा प्रस्ताव के खिलाफ विधानसभा के बाहर और सड़कों पर उतर कर विरोध करेगी। इस पर सीएम नायब सैनी ने कहा कि महिलाओं लिए जो रवैया कांग्रेस का लोकसभा में रहा है, वही रवैया यहां पर भी देखने को मिला है। कांग्रेस का एक भी विधायक सदन में नहीं आया। यह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है।
इससे पहले विधायक दल की बैठक में क्रॉस वोटिंग के कारण पार्टी से सस्पेंड पांच विधायक इसमें शामिल नहीं हुए। इनमें नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी, साढौरा की रेणु बाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास, हथीन के मोहम्मद और रतिया के विधायक जरनैल सिंह शामिल हैं। यह चौथा मौका है, जब प्रदेश सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। इससे पहले 13 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास मत हासिल करने के लिए सत्र बुलाया था।
सदन में हरियाणा क्लेरिकल सर्विस बिल 2026 पेश किया जाएगा। मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा के कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों के प्रमोशन के लिए आवश्यक नियम बनाने पर सहमति बनी थी। कॉमन कैडर के वे ग्रुप-डी कर्मचारी, जिन्होंने पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर ली है, अब क्लर्क पद पर प्रमोशन के लिए पात्र होंगे। इस ड्राफ्ट बिल में क्लर्क पद के लिए ग्रुप-डी से प्रमोशन का कोटा 20% से बढ़ाकर 30% करने का प्रावधान है। इसके अलावा, नियमों में 5% एक्स-ग्रेशिया पद रखना भी अनिवार्य किया गया है।
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