कुरुक्षेत्र। यशबाबू एंटरटेनमेंट की ओर से निर्मित फिल्म ‘48 कोस’ सिनेमाघरों में 8 जुलाई 2022 को रिलीज हुई थी। इसमे पंकज बेरी, अनिल धवन, अरुण बक्शी कलाकार थे जो सुपरहिट हुई।
लेखक, निर्माता, निर्देशक राजिंदर वर्मा ‘यशबाबू’ ने अपनी सफल फिल्म का सीक्वल 48 कोस 2 बनाया है। इस पार्ट 2 फिल्म का पहला पोस्टर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सानिध्य में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जारी किया। फिल्म “48 कोस 2” 26 जून 2026 को सिनेमाघरों मे रिलीज होगी। सिनेमाघरों मे रिलीज होने वाली यशबाबू एंटरटेनमेंट की ये 9वीं फिल्म है।
निर्माता निर्देशक राजिंदर कुमार वर्मा यश बाबू की फिल्म “48 कोस 2” का भव्य ट्रेलर और दो नए पोस्टर इंपा थिएटर में लॉन्च किया गया।
48 कोस की धरा की गाथाएं वैसे तो सदियों पुरानी हैं, परंतु आस्था के सागर ने उन्हें आज भी ऐसे संजो कर रखा है जैसे बीता हुआ समय केवल क्षणों की दूरी पर हो। इस पावन भूमि की कहानियों में अनेक महर्षियों और वीरों के नाम साक्षात शिल्पित हैं। यह धरती केवल किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को ही नहीं, बल्कि उसकी चरम सीमाओं को भी बदल देने की सामर्थ्य रखती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक गाथा है 48 कोस 2. इस कहानी में कई मुख्य पात्र हैं, और उन सभी को जोड़ने वाला एक सूत्रधार है उत्कर्ष। सभी पात्र किसी न किसी मोड़ पर उत्कर्ष से आकर जुड़ते हैं. उत्कर्ष ने केवल अपने संवादों के माध्यम से चार जीवनों को नया दृष्टिकोण दे दिया।

पहला पात्र है निशांत, एक बड़ी कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जो देश, मिट्टी और जीवन के मूल्यों को भूल चुका है और केवल कार्य में ही स्वयं को झोंक चुका है।
दूसरा पात्र है श्यामलाल, एक धनी व्यक्ति जो जीवन में मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत व्याकुल है. तीसरी पात्र है निधि, जो जीवन के अनेक संघर्षों से जूझ रही है. उत्कर्ष उससे कहता है कि उसका रोग उसके लिए एक वरदान सिद्ध होगा। चौथा पात्र है पार्थ, जो निधि की कंपनी का स्वामी है। वह अपने पिता द्वारा दिए गए संस्कारों को अपमान समझने की भूल में फंस चुका है और उन्हीं की मेहनत से बनी कंपनी को नष्ट करने पर तुला हुआ है।
अब सवाल यह उठते हैं कि क्या निशांत इस पवित्र धरा का ज्ञान समझ पाएगा? क्या श्याम लाल अपने विचलित मन पर नियंत्रण पा कर मोक्ष की प्राप्ति कर सकेगा? उत्कर्ष ने निधि से क्यों कहा कि उसका रोग उसके लिए वरदान सिद्ध होगा? क्या पार्थ अपने पिता के संस्कारों को समझकर कंपनी को विनाश से बचा पाएगा? और सबसे बड़ा प्रश्न कौन है उत्कर्ष? क्या है इस ज्ञानी पुरुष का रहस्य? इन सभी प्रश्नों के उत्तर छिपे हैं ’48कोस 2′ की इस अद्वितीय गाथा में।
फिल्म के कलाकारों में अरुण बख्शी, आरव वधवा, हितेश शर्मा, नीरज सिंह, मेबल जैकब, योगिता, अंजना नाथन शिखा बेन्सन, आशी जसुजा, वीरेंद्र सिंह, पंकज, अनिल वर्मा, विश्व दीपक त्रिखा, युवराज सहगल और दीपक राज डोगरा के नाम उल्लेखनीय हैं. ’48कोस 2′ के निर्माता निर्देशक और स्टोरी राइटर राजिंदर वर्मा यश बाबु हैं. पटकथा और संवाद रचिन सूरी ने लिखे हैं. सिनेमैटोग्राफर सचिन शर्मा, गीतकार सतीश जॉर्जी कश्यप, संगीतकार राजू पंजाबी, सिंगर सतीश जॉर्जी कश्यप, कोरियोग्राफर जस्सी, एडिटर सुनील अरोड़ा, आर्ट डायरेक्टर डॉ राजेश वधवा हैं।
हिन्दी फीचर फिल्म ‘48 कोस’ की ओर से राजिंदर वर्मा यशबाबू की कोशिश कुरुक्षेत्र का नाम विश्व पटल पर ले जाने की है। राजिंदर वर्मा बचपन से ही महाभारत से प्रभावित रहे हैं। 48 कोस के द्वारपाल यक्षों की कहानियां उनको बहुत आकर्षक लगती थी। इन्हीं कहानियों को उन्होंने आधुनिक रूप में 48 कोस और अब 48 कोस 2 में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया है।
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