चीन के हाईनान प्रांत के सान्या शहर में स्थित याचेंग विलेज और पाओफिंग विलेज दो ऐसे सांस्कृतिक स्थल हैं, जहां इतिहास केवल किताबों में नहीं, बल्कि हर गली, हर इमारत और हर परंपरा में जीवित दिखाई देता है। याचेंग विलेज याचो के मुख्य शहरी क्षेत्र के केंद्र में स्थित है और नेशनल हाईवे 225 के पास होने के कारण यहां पहुंचना बेहद आसान है। यह गांव कभी याचो का राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र रहा है, साथ ही एक महत्वपूर्ण सैन्य गढ़ भी था।
प्राचीन मैरीटाइम सिल्क रोड पर स्थित होने के कारण यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रमुख केंद्र रहा। यह गांव ईमानदार अधिकारियों की निष्ठा और दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर जाने वाले चीनी प्रवासियों के संघर्षों का साक्षी भी रहा है। आज याचेंग एक “बिना दीवारों वाला संग्रहालय” प्रतीत होता है, जहां मेमोरियल आर्चवे स्ट्रीट, यामेन स्ट्रीट और याचेंग कन्फ्यूशियस टेम्पल जैसे ऐतिहासिक स्थल इसकी विरासत को संजोए हुए हैं। वेनमिंग गेट गांव की पहचान के रूप में खड़ा है, जबकि मंदिर से उठती अगरबत्ती की सुगंध एक आध्यात्मिक वातावरण रचती है।
यहां एक अनोखा विरोधाभास देखने को मिलता है- गांव के बाहर तेज़ रफ्तार शहर, और भीतर शांत, ठहरी हुई दुनिया। याचेंग समय के बदलावों को अपनाते हुए भी अपनी मूल आत्मा को संजोए हुए है। दूसरी ओर, पाओफिंग विलेज सान्या के याचो डिस्ट्रिक्ट में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गांव है, जिसे “नेशनल ट्रेडिशनल विलेज” का दर्जा प्राप्त है। यह याचो लोकगीतों की जन्मभूमि के रूप में भी जाना जाता है, जो इसकी सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध बनाता है। गांव में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जैसे मिंगजिंग रेजिडेंस, जिउक्सिंग एंसेस्ट्रल हॉल, चांग फैमिली रेजिडेंस, पाओफिंग एकेडमी और कुआंती मंदिर। ये सभी स्थल इस गांव के गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक हैं।
पाओफिंग विलेज की खासियत इसकी बहुआयामी सांस्कृतिक विरासत में है। यहां पारंपरिक आवासीय संस्कृति, इंपीरियल परीक्षा प्रणाली से जुड़ी शैक्षणिक परंपरा, अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर और क्रांतिकारी इतिहास- सब एक साथ देखने को मिलते हैं। यह गांव पुराने याचो के इतिहास, मैरीटाइम सिल्क रोड की विरासत और तटीय रक्षा संस्कृति का महत्वपूर्ण गवाह है। याचेंग और पाओफिंग – दोनों गांव मिलकर हाईनान की सांस्कृतिक आत्मा को परिभाषित करते हैं। एक ओर याचेंग का ऐतिहासिक वैभव और प्रशासनिक महत्व है, तो दूसरी ओर बाओपिंग की जीवंत लोकसंस्कृति और परंपराओं की गहराई। इन गांवों की यात्रा केवल स्थानों को देखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह एक अनुभव बन जाती है- जहां इतिहास महसूस होता है, संस्कृति जीवित दिखती है, और जीवन अपनी सरलता में भी बेहद समृद्ध नजर आता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग,दिव्या पाण्डेय)