
करनाल। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल दो दिन से करनाल हैं। उन्होंने गांव मॉडल के तौर पर 40 गांव के सरपंचों के साथ बैठक की। शुक्रवार के दिन भी उन्होंने पंचायत भवन में सरपंचों और अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने विकास कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। 40 गांवों को मॉडल बनाने के पायलट प्रोजेक्ट पर मंथन किया। बैठक के बाद पूर्व सीए मनोहर लाल ने मीडिया से बातचीत में कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पंचकूला प्लॉट आबंटन मामले, कामर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़े दाम, एग्जिट पोल और दुष्यंत चौटाला की महापंचायत जैसे विषयों पर खुलकर बात रखी। साथ ही जिले में गांवों के विकास को लेकर हुई बैठकों की जानकारी भी साझा की।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने पंचकूला प्लॉट मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ चंडीगढ़ में दाखिल चार्जशीट को लेकर तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का इतिहास पहले भी सामने आता रहा है और जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर अदालत फैसला करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर कहा कि यह पूरी तरह बाजार आधारित व्यवस्था है, जिस पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई में आई दिक्कतों, खासकर अमेरिका-ईरान के बीच तनाव जैसी स्थितियों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। हालांकि अब हालात में कुछ सुधार आया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों के दाम समय-समय पर घटते-बढ़ते रहते हैं।
पांच राज्यों के चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल को लेकर उन्होंने कहा कि ये मीडिया के आकलन हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि 4 मई को आने वाले चुनाव परिणाम भी इसी दिशा में होंगे और सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। दुष्यंत चौटाला द्वारा छात्रों की महापंचायत बुलाने के मुद्दे पर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर कार्य मर्यादा और नियमों के तहत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान में इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है और राजनीति का स्तर गरिमामय होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि करनाल में अब तक तीन अहम बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में ग्राम विकास, पंचायती राज, शिक्षा और जनस्वास्थ्य जैसे विभागों के कार्यों का आकलन किया गया। इसके अलावा 40 गांवों के सरपंचों के साथ भी विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें विकास कार्यों, समस्याओं और गांवों की आय बढ़ाने के उपायों पर मंथन किया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल 40 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित करने पर फोकस किया जा रहा है, जबकि भविष्य में 395 गांवों के समग्र विकास की योजना तैयार की जाएगी।
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