अंबाला। प्रदेश के एनसीआर और दिल्ली क्षेत्र में अप्रैल माह के दौरान मौसम में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यहां कभी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई तो कभी तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की।
अब मई महीने के लिए मौसम विशेषज्ञों ने बड़े बदलाव और अस्थिरता के संकेत दिए हैं। राजकीय महाविद्यालय के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस बार मई माह में सामान्य से अलग परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। आमतौर पर इस महीने में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप रहता है, लेकिन इस बार बीच-बीच में आंधी, तेज हवाएं और हल्की बारिश जैसी प्री-मानसून गतिविधियां भी जारी रहेंगी। उन्होंने बताया कि मई के पहले पखवाड़े में तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
दूसरे पखवाड़े में तापमान में बढ़ोतरी होगी और दिन का तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है, हालांकि रात के तापमान में कुछ गिरावट बनी रह सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस महीने 7 से 8 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं, जिनमें से 4 से 5 मध्यम श्रेणी के होंगे। इनके प्रभाव से समय-समय पर मौसम में बदलाव, तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मई के अंतिम सप्ताह में आने वाला ‘नौतपा’ (25 मई से 2 जून) भी इस बार पूरी तरह से तपिश वाला नहीं रहेगा। आमतौर पर इस दौरान तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार बीच-बीच में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मई माह में औसत वर्षा सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में निम्न दबाव के क्षेत्र बनने से चक्रवाती गतिविधियों के भी संकेत मिल रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में ईएनएसओ (ENSO) की स्थिति तटस्थ है, जो आगे चलकर अल नीनो की ओर बढ़ सकती है। इसके बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने निर्धारित समय पर पहुंचने की संभावना जताई गई है। हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में मानसून आमतौर पर जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में दस्तक देता है। पिछले वर्षों में यह जून के अंतिम दिनों में ही सक्रिय होता रहा है। विशेषज्ञों ने लोगों को बदलते मौसम के मद्देनजर सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।
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