नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार सत्ता से बाहर होती नजर आ रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार राज्य में सरकार बनाती दिख रही है।
रुझानों के मुताबिक बीजेपी करीब 193 सीटों पर आगे चल रही है, जो पिछले चुनाव (77 सीट) से काफी ज्यादा है। दूसरी तरफ TMC लगभग 97 सीटों पर सिमटती दिख रही है, जबकि पिछली बार उसे 214 सीटें मिली थीं। यानी जितना नुकसान TMC को हो रहा है, लगभग उतना ही फायदा बीजेपी को मिलता दिख रहा है। कांग्रेस और लेफ्ट की स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है।
1. ममता बनर्जी की मजबूत छवि को झटका
पिछले 15 सालों से बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी का दबदबा रहा है। उन्होंने कई चुनाव आसानी से जीते थे और उन्हें अजेय माना जाता था। लेकिन इस बार हार से उनकी मजबूत छवि को बड़ा झटका लगा है।
2. राष्ट्रीय राजनीति में असर
ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन INDIA की प्रमुख नेताओं में से एक थीं। इस हार के बाद राष्ट्रीय स्तर पर उनकी ताकत और प्रभाव कम हो सकता है। अब उनकी बात पहले जितनी मजबूत नहीं मानी जाएगी।
3. बीजेपी का ‘मिशन ईस्ट’ सफल
बीजेपी लंबे समय से पूर्वी भारत, खासकर बंगाल में सत्ता पाने की कोशिश कर रही थी। यह जीत उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी और पार्टी की ताकत इस क्षेत्र में और बढ़ेगी।
4. पूर्वी भारत में बीजेपी की पकड़ मजबूत
पहले बीजेपी की ताकत मुख्य रूप से उत्तर और पश्चिम भारत में थी, लेकिन अब बंगाल जीतने के बाद पूर्वी भारत में भी पार्टी का प्रभाव बढ़ जाएगा।
5. विपक्ष कमजोर पड़ेगा
TMC की हार से विपक्ष को बड़ा नुकसान होगा। क्योंकि एक मजबूत क्षेत्रीय पार्टी कमजोर हुई है, जिससे बीजेपी के खिलाफ आवाज भी कमजोर पड़ सकती है। इसका असर आने वाले चुनावों, खासकर उत्तर प्रदेश चुनाव पर भी पड़ सकता है।
बताते चलें कि, बंगाल के ये रुझान सिर्फ एक राज्य का नतीजा नहीं हैं, बल्कि इसका असर पूरे देश की राजनीति पर पड़ सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी आगे क्या रणनीति अपनाती है।
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