नेशनल डेस्क: देश और दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (IGoM) की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात और उनके भारत पर पड़ने वाले असर पर चर्चा की जाएगी।
सरकार खास तौर पर वैश्विक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन पर पड़ रहे प्रभाव को लेकर सतर्क है। माना जा रहा है कि बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और आम लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक असर जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।
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इस बीच रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए आर्थिक अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां केवल सरकार के लिए चुनौती नहीं हैं, बल्कि यह पूरे देश की सामूहिक परीक्षा है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि देशभक्ति का मतलब केवल सीमा पर लड़ना या बलिदान देना नहीं होता, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में जिम्मेदार नागरिक बनना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से ऐसे फैसले लेने की अपील की, जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। दुनिया में चल रहे संघर्षों और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था में आई रुकावटों के कारण कई चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे समय में हर नागरिक का सहयोग जरूरी है ताकि देश आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे।
ईंधन बचाने पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को कम करने के लिए लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां मेट्रो सेवा उपलब्ध हो, वहां लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का उपयोग करें। इसके अलावा उन्होंने कार-पूलिंग अपनाने की भी सलाह दी ताकि ईंधन की बचत हो सके। सामान की ढुलाई के लिए सड़क परिवहन की बजाय रेल परिवहन को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि देश को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ना चाहिए। इससे न केवल तेल पर निर्भरता कम होगी बल्कि पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने लोगों से जहां संभव हो वहां इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने की अपील की।
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वर्चुअल कामकाज को फिर बढ़ाने की सलाह
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान अपनाई गई ऑनलाइन कार्य व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर फिर से वर्चुअल मीटिंग और डिजिटल कामकाज को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे यात्रा कम होगी, ईंधन बचेगा और देश का ऊर्जा खर्च भी घटेगा।
विदेशी मुद्रा बचाने की अपील
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लोगों से विदेशों में अनावश्यक खर्च कम करने और विदेशी मुद्रा के बहिर्वाह को रोकने में सहयोग देने की भी अपील की। हर नागरिक को देश की आर्थिक मजबूती के लिए जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। अगर देशवासी मिलकर छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं, तो भारत वैश्विक संकट के दौर में भी मजबूत स्थिति में रह सकता है।
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