पंजाब ने पिछले चार वर्षों में अलग-अलग क्षेत्रों में काफी प्रगति की है, इस दौरान पूरे पंजाब में घरों तक व्यापक कल्याण सेवाएं और सुधार पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ओर से किए गए विकास कार्य बिजली, स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा और कृषि जैसे प्रमुख संकेतकों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
सबसे बड़ा बदलाव पावर सेक्टर में आया है, जहां अब लगभग 90% घरों को जीरो बिजली बिल मिल रहे हैं और लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इससे परिवारों को आर्थिक राहत मिली है और शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पहले से कहीं अधिक बढ़ी है, 990 आम आदमी क्लीनिक पांच करोड़ से अधिक मरीजों को मुफ्त इलाज दे रहे हैं। इसके अलावा, हर परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज देकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का खर्च कम किया गया है।
रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मेरिट-आधारित सिस्टम के जरिए 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सरल बनाया गया है। साथ ही, पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 92,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कानून व्यवस्था और सामाजिक स्थिरता पर समान ध्यान को दर्शाता है।
पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में भी सुधार हुआ है और सरकारी स्कूलों को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पहचान मिली है। शिक्षकों की भर्ती में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में सिंचाई और बिजली आपूर्ति में सुधार से किसानों को राहत मिली है। ट्यूबवेल के लिए दिन में मुफ्त बिजली और दूर-दराज के इलाकों तक नहर सिंचाई बढ़ाने से उत्पादकता बढ़ी है और भूजल पर निर्भरता कम हुई है। खरीद भुगतान प्रणाली ने किसानों की वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है।
आर्थिक सशक्तीकरण बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए भी वेलफेयर योजनाएं लागू की गई हैं। विभिन्न कार्यक्रमों के तहत मासिक सहायता और मुफ्त बस यात्रा ने महिलाओं की गतिशीलता और समर्थन को बढ़ाया है। इसी तरह, बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण और खेल सुविधाओं के विकास, कनेक्टिविटी और सामुदायिक भागीदारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सुरक्षा उपायों ने इन प्रयासों को और मजबूत किया है।
रोड सेफ्टी फोर्स की विशेष हाईवे सुरक्षा इकाई ने सड़क हादसों में होने वाली मौतों में भारी कमी लाई है। सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में शहीदों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता भी शामिल है, जिससे राज्य का सपोर्ट सिस्टम और मजबूत हुआ है।
अधिकारियों ने कहा कि फोकस बिना किसी देरी के सीधे नागरिकों तक लाभ पहुंचाने पर रहा है और पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति के साथ पंजाब का शासन मॉडल जमीनी स्तर पर डिलीवरी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है, जहां वेलफेयर योजनाएं, बुनियादी परियोजना और संस्थागत सुधार मिलकर अधिक समावेशी और जवाबदेह प्रशासन बना रहे हैं।
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