Last Updated: October 1, 2026

Dainik Savera Times Logo

थाईलैंड में हंता वायरस खतरनाक संक्रामक बीमारी घोषित, 42 दिन का सख्त क्वारंटीन लागू

May 15, 2026

थाईलैंड में हंता वायरस खतरनाक संक्रामक बीमारी घोषित, 42 दिन का सख्त क्वारंटीन लागू

इंटरनेशनल डेस्क। थाईलैंड की नेशनल कम्युनिकेबल डिजीज कमेटी ने शुक्रवार को हंता वायरस को ‘खतरनाक संक्रामक बीमारी’ घोषित करने की मंजूरी दे दी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, नए नियम के तहत अधिकारियों को संदिग्ध मामलों की जानकारी तीन घंटे के अंदर देनी होगी। 12 घंटे के भीतर जांच शुरू करनी होगी और हाई-रिस्क संपर्क में आए लोगों को 42 दिनों तक सख्त क्वारंटीन में रखा जाएगा।

ये भी पढ़ें :-

स‍िन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया क‍ि मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि हंता वायरस सांस के साथ न‍िकलने वाले बारीक कणों के जरिए फैल सकता है। कुछ स्ट्रेन इंसान से इंसान में भी फैलने की क्षमता रखते हैं। अब दुनिया भर में एक बड़ी चिंता और गंभीर खतरा बन गया है। इसी वजह से इसे खतरनाक बीमारी की श्रेणी में रखा गया है। तेजी से और मिलकर कार्रवाई करने के लिए मंत्रालय ने निगरानी, लैब टेस्टिंग, इलाज और स्थानीय स्तर पर तैयारी पर फोकस करते हुए एक विशेष एक्शन प्लान लागू किया है।

मंत्रालय के स्थायी सचिव सोमरूएक चुंगसमन ने बताया क‍ि स्वास्थ्य विभाग अंतरराष्ट्रीय एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा रहा है। वहीं, डिजीज कंट्रोल विभाग देश के अंदर मिलने वाले मामलों की तुरंत जांच और ‘पेशेंट्स अंडर इन्वेस्टिगेशन’ की परिभाषा तय करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इसके साथ ही क्वारंटीन के नियमों को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।

सोमरूएक ने बताया कि देशभर के प्रांतीय स्वास्थ्य कार्यालयों और अस्पतालों को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों को कहा गया है कि वे संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट तीन घंटे के अंदर दें। इलाज के प्रोटोकॉल की समीक्षा करें और स्थानीय लोगों को तुरंत जरूरी जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी का चूहों के संपर्क में आने का इतिहास रहा हो या वे हाल ही में किसी हाई-रिस्क इलाके से लौटे हों और उन्हें तेज बुखार या सांस लेने में दिक्कत हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इससे बीमारी की जल्दी पहचान हो सकेगी और इसके फैलाव को रोका जा सकेगा।

हंता वायरस वायरसों का एक समूह है, जो आमतौर पर चूहों और दूसरे कृंतकों (रोडेंट्स) में पाया जाता है और इंसानों में गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है। संक्रमण आमतौर पर संक्रमित चूहों या उनके पेशाब, मल या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इंसान से इंसान में इसका फैलना बहुत कम देखा जाता है।

इंसानों में हंता वायरस का संक्रमण ज्यादातर संक्रमित चूहों के पेशाब, मल या लार के संपर्क में आने या दूषित सतहों को छूने से होता है। यह खतरा खासकर उन जगहों पर ज्यादा होता है जहां चूहों का प्रकोप हो, जैसे पुराने भवनों की सफाई करते समय। ग्रामीण इलाकों जैसे जंगल, खेत और फार्म में इसके मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं, क्योंकि वहां चूहों की मौजूदगी और संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

ये भी पढ़ें :-

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें