Last Updated: October 2, 2026

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जाको राखे साइयां मार सके न कोई… बोरवेल में गिरे मासूम को 9 घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया

May 16, 2026

जाको राखे साइयां मार सके न कोई… बोरवेल में गिरे मासूम को 9 घंटे बाद सुरक्षित निकाला गया

होशियारपुरः जिले के नजदीकी गांव चक्क समाना में शुक्रवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया, जब चार साल का मासूम गुरकरण सिंह खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया। यह घटना शाम करीब 4 बजे हुई। बच्चे के बोरवेल में गिरते ही गांव में हड़कंप मच गया और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं।

बच्चे को बचाने के लिए चला लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन
बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस, जिला प्रशासन और गांव के लोगों ने मिलकर लगातार कई घंटों तक मेहनत की। करीब 9 घंटे चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात लगभग 12:40 बजे बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चे को बाहर निकालते ही तुरंत मेडिकल टीम की निगरानी में एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, ताकि उसकी पूरी जांच की जा सके।

30 फीट गहराई में फंसा था बच्चा
जानकारी के अनुसार गुरकरण सिंह अपने घर के पास खेल रहा था। उसी दौरान वह एक खुले बोरवेल में गिर गया, जिसे एक दिन पहले ही खोदा गया था। बच्चा करीब 30 फीट की गहराई में जाकर फंस गया था। बचाव टीमों के लिए यह ऑपरेशन काफी मुश्किल था क्योंकि बोरवेल बहुत संकरा था। ऐसे में टीमों ने बोरवेल के साथ-साथ 30 फीट से ज्यादा गहरा एक दूसरा गड्ढा खोदा। इसके बाद एक संकरी सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश की गई। कड़ी मेहनत और सावधानी के बाद टीमों ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

कैमरा और ऑक्सीजन की मदद से रखी गई नजर
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रशासन ने बोरवेल में कैमरा और ऑक्सीजन पाइप नीचे उतारे। कैमरे की मदद से बच्चे की हर हरकत पर नजर रखी जा रही थी, जबकि ऑक्सीजन पाइप से उसे सांस लेने में मदद मिलती रही। बचाव कार्य को तेज करने के लिए मौके पर जरूरी मशीनरी और उपकरण भी मंगवाए गए थे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और एसएसपी संदीप कुमार मलिक पूरे ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने शुरुआत से ही बचाव अभियान की निगरानी की और टीमों का हौसला बढ़ाया। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया था। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की 40 से अधिक सदस्यों वाली टीम ने अपनी विशेषज्ञता और साहस से इस मुश्किल ऑपरेशन को सफल बनाया।

मंत्री और सांसद भी पहुंचे मौके पर
पंजाब के जेल मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और होशियारपुर के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल भी पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर मौजूद रहे। डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस और गांव के लोगों ने मिलकर बहुत अच्छे इंतजाम किए, जिसकी वजह से बच्चे की जान बचाई जा सकी। सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था, लेकिन सभी टीमों ने लगातार मेहनत करके इसे सफल बनाया।

गांव वालों और सामाजिक संगठनों ने भी की मदद
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान गांव के लोगों ने भी पूरी मदद की। कई सामाजिक, धार्मिक और अन्य संगठनों ने मौके पर पहुंचकर बचाव टीमों का हौसला बढ़ाया और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध करवाई। एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने सभी बचाव टीमों और स्थानीय लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और जज्बे की वजह से मासूम गुरकरण की जान बचाई जा सकी।

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