Last Updated: October 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

भारत में ईंधन कीमतों में 4% बढ़ोतरी, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम

May 19, 2026

भारत में ईंधन कीमतों में 4% बढ़ोतरी, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम

भारत में इस सप्ताह घोषित पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3.91 रुपए प्रति लीटर या 4.4 प्रतिशत की वृद्धि तेल उत्पादक देशों जैसे सऊदी अरब को छोड़कर किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था द्वारा की गई सबसे कम वृद्धि है। यह जानकारी ग्लोबलपेट्रोलप्राइसेजडॉटकॉम के द्वारा संकलित आंकड़ों में दी गई।

इंडियन ऑयल के एक अधिकारी ने बताया कि ईंधन की कीमतों में 3.91 रुपए की बढ़ोतरी से केवल आंशिक रूप से कच्चे तेल में आए उछाल की भरपाई हुई है। यह कदम क्रूड ऑयल की बढ़ी कीमतों को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा 76 दिनों तक पूरी तरह से वहन करने के बाद उठाया गया है। इसके विपरीत, बाकी दुनिया कच्चे तेल की लागत में हुई वृद्धि को समायोजित करने के लिए दोनों ईंधनों की खुदरा कीमतों में 10 से 90 प्रतिशत तक की वृद्धि कर रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, ” म्यांमार, मलेशिया, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में पेट्रोल की कीमत युद्ध-पूर्व मूल्य से आधे से अधिक बढ़ गई है, जबकि डीजल की कीमत वैश्विक व्यापार और माल ढुलाई से प्रत्यक्ष संबंध के कारण और भी तेजी से बढ़ी है। पाकिस्तानी उपभोक्ता आज पेट्रोल के लिए तीन महीने पहले की तुलना में लगभग 55 प्रतिशत अधिक भुगतान कर रहा है, मलेशियाई उपभोक्ता लगभग 56 प्रतिशत अधिक और संयुक्त अरब अमीरात के उपभोक्ता लगभग 52 प्रतिशत अधिक कीमत चुका रहे हैं।”

ये भी पढ़ें- https://dainiksaveratimes.com/business/sensex-nifty-market-closing-fall/

रिपोर्ट में बताया गया कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में 45 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यूके में पेट्रोल की कीमतों में करीब 19 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 34 प्रतिशत, जर्मनी में पेट्रोल की कीमतों में करीब 14 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, फ्रांस में पेट्रोल की कीमतों में 21 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी 20 प्रतिशत से कम रही है। वहीं डीजल की कीमतों में भी काफी तेज वृद्धि हुई है, सिंगापुर में तो डीजल की कीमत 65 प्रतिशत बढ़ गई है।

इंडियन ऑयल के अधिकारी ने कहा कि भारत में 3.91 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि से सरकारी तेल कंपनियों को आयातित कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण हो रहे दैनिक नुकसान में कमी आई है, जो पहले 1,000 करोड़ रुपए प्रतिदिन था और अब घटकर 750 करोड़ रुपए रह गया है। खुदरा ईंधन की कीमतों में वृद्धि से नुकसान में केवल 25 प्रतिशत की कमी आई है।

उन्होंने आगे कहा, “भारत एक स्पष्ट अपवाद है क्योंकि 15 मई 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को 23 फरवरी 2026 के स्तर पर लगभग अपरिवर्तित रखा, रिफाइनरी गेट पर कच्चे तेल की लागत को वहन किया और प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए की कम वसूली दर्ज की।”

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें