
जम्मू/श्रीनगर : मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने आज ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर मल्टी डिसिप्लिनरी कमेटी की 5वीं मीटिंग की अध्यक्षता की। इस मीटिंग का मकसद जम्मू और श्रीनगर शहरों में ट्रैफिक जाम कम करना और मोबिलिटी को बेहतर बनाना है।
मीटिंग में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया जिनमें एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट्स, प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम, कमिश्नर सेक्रेटरी हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट, डिविजनल कमिश्नर जम्मू/कश्मीर, इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस ट्रैफिक, सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आफ ट्रैफिक, जम्मू/कश्मीर, कमिश्नर म्युनिसिपल कापोर्रेशन जम्मू/श्रीनगर, सीनियर सुपरिंटेंडेंट आफ पुलिस ट्रैफिक श्रीनगर/जम्मू, वाइस-चेयरमैन श्रीनगर डेवलपमेंट अथारिटी, डायरेक्टर अर्बन लोकल बाडीज कश्मीर/जम्मू और दूसरे संबंधित डिपार्टमेंट्स के अधिकारी शामिल थे।
चीफ सेक्रेटरी ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम की हेड वाली कमेटी की सिफारिशों की अहमियत पर जोर दिया और उन्हें असरदार तरीके से लागू करने के लिए एक टाइम-बाउंड एक्शन प्लान बनाने को कहा। मुख्य सचिव ने दोनों शहरों में ब्लैक स्पाट की पहचान और उन्हें ठीक करने, मुख्य सड़कों को चौड़ा करने, रोटरी बनाने और जंक्शन में सुधार की प्रोग्रेस का भी रिव्यू किया।
उन्होंने सभी प्रपोज्ड कामों के लिए फंडिंग सोर्स को साफ तौर पर पहचानने की जरूरत पर जोर दिया यह देखते हुए कि इन इंटरवेंशन का मकसद ट्विन सिटीज और यूटी के दूसरे अर्बन सेंटर्स में आने-जाने में आसानी को बेहतर बनाकर आम जनता को बहुत जरूरी राहत देना है। उन्होंने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को जम्मू और कश्मीर में इन प्रोजेक्ट्स को आसानी से और समय पर पूरा करने के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट के साथ मामला उठाने का निर्देश दिया।
रिव्यू के दौरान मुख्य सचिव ने दोनों कैपिटल शहरों में मुख्य ट्रैफिक कारिडोर से भीड़ कम करने, पार्किंग सुविधाओं को बढ़ाने, रोड इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आसान बनाने और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को मजबूत करने के लिए अलग-अलग डिपार्टमेंट्स द्वारा किए गए उपायों की डिटेल में जांच की। बताया गया कि जम्मू और श्रीनगर में जरूरी हिस्सों पर भीड़ कम करने और गाडि़यों की आसान आवाजाही पक्का करने के लिए कई डायवर्जन रूट पहले ही पहचाने और चालू कर दिए गए हैं।
जम्मू शहर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए 10 डायवर्जन रूट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इसी तरह श्रीनगर में शहर के बहुत ज्यादा भीड़ वाले हिस्सों पर दबाव कम करने के लिए पांच डायवर्जन रूट चालू कर दिए गए हैं।