
चंडीगढ़। प्रदेश में कॉकरोच जनता पार्टी का शोर थमने के स्थान पर बढ़ता जा रहा है। अब इसकी धूम हरियाणा में भी मचने लगी है। इसके साथ ही हरियाणा में भी अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।
बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी पर शुरू हुुआ ये ऑनलाइन ट्रेंड अब हरियाणवी नेताओं के बीच पहुंच गया है। पानीपत एक एडवोकेट ने चुनाव आयोग से मान्यता लेने की बात तक कह दी है। इसके अलावा गुरनाम सिंह चढ़ूनी के बाद इनेलो के रानिया से विधायक और अभय चौटाला के पुत्र अर्जुन चौटाला ने भी खुद को कॉकरोच जनता पार्टी का पहला विधायक बताया तो राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर कॉकरोच बंदी का आरोप लगाया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने खुद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बताए जाने का दावा किया है। इस बीच पानीपत के एक अधिवक्ता ने पार्टी के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग में आवेदन भी दे दिया है।
इस बीच रोहतक में कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो बैनर थे उन पर लिखा था-मैं भी हूं कॉकरोच। रेवाड़ी में कुछ संगठनों ने कॉकरोच नाम से सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर उनमें जॉइनिंग शुरू कराई है। अर्जुन चौटाला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे कह रहे हैं अपने कॉकरोच भाइयों से कहना चाहता हूं कि एक और कॉकरोच आपके साथ जुड़ चुका है। यह केवल कॉकरोच नहीं, विधायक भी है। उन्होंने आगे कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का पहला विधायक भी बन चुका है।
उनके बयान पर भाजपा के मीडिया प्रभारी अरविंद सैनी ने एक्स पर पूछा कि क्या इनेलो का एक विधायक कम हो गया? अभय चौटाला का बयान भी इस पर आए तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। दिल्ली में रोहतक से दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स हैंडल ब्लॉक होने पर भाजपा पर हमला बोला है। हुड्डा ने कहा कि नोटबंदी और वोटबंदी के बाद अब भाजपा कॉकरोचबंदी लेकर आई है। सरकार आलोचना सहन नहीं कर पा रही और सोशल मीडिया पर आवाज उठाने वालों के अकाउंट बंद कराए जा रहे हैं।
लोकतंत्र में यह तरीका गलत है। यह ऑनलाइन मूवमेंट को युवाओं के गुस्से और बेरोजगारी की निराशा का प्रतीक है। साथ ही कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों ने गवर्नेंस सिस्टम को पूरी तरह खराब कर दिया है, जिसकी झलक अब सोशल मीडिया ट्रेंड्स में भी दिखाई दे रही है। सिरसा में कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने सीधे टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। उन्होंने इसे युवाओं, मजदूरों और किसानों के भीतर बढ़ते गुस्से का संकेत बताया। कहा कि सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही, इसी कारण जनता नाराजगी जाहिर कर रही है।
करनाल में किसान नेता गुरनाम चढूनी ने दावा किया है कि कॉकरोच जनता पार्टी ने उनको राष्ट्रीय संयोजक बनाया है। उन्होंने इसका एक धन्यवाद पोस्टर भी जारी किया है। चढूनी ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी ने जो मुहिम चलाई है, इससे एक बात तो साफ हो गई है कि देश का युवा रानजीतिक पार्टियों का विकल्प ढूंढ़ रहा है। राजनीतिक पार्टियां व्यापारी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक पार्टी का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, लेकिन पब्लिक के रुझान पर मुझे ये जिम्मेदारी दी गई है।
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