Last Updated: September 21, 2026

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Petrol-Diesel Rate Hike: पंजाब में आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आपके शहर में कितनी हुई बढ़ोतरी

May 25, 2026

Petrol-Diesel Rate Hike: पंजाब में आज फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें आपके शहर में कितनी हुई बढ़ोतरी

Punjab Petrol-Diesel Rate Hike: पंजाब और चंडीगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 10 दिनों में चौथी बार ईंधन महंगा होने से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। इस बार पेट्रोल के दाम में करीब ₹2.60 प्रति लीटर और डीजल में लगभग ₹2.70 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।

सबसे बड़ा असर चंडीगढ़ में देखने को मिला, जहां पहली बार पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई है। नई दरों के अनुसार चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹101.53 प्रति लीटर और डीजल ₹89.63 प्रति लीटर बिक रहा है।

पंजाब में पेट्रोल ₹105 के पार

पंजाब के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए हैं। राज्य में औसतन पेट्रोल ₹105.44 और डीजल ₹95.38 प्रति लीटर हो गया है। मोहाली में पेट्रोल सबसे महंगा होकर ₹105.99 प्रति लीटर तक पहुंच गया।

इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए थे। लगातार हुई बढ़ोतरी के कारण 10 दिनों में पेट्रोल करीब ₹7.25 और डीजल ₹7.55 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

Petrol-Diesel Price 22 May
Petrol-Diesel Price 22 May

प्रमुख शहरों में नई कीमतें

पठानकोट
पेट्रोल: ₹105.87 प्रति लीटर
डीजल: ₹95.79 प्रति लीटर

जालंधर
पेट्रोल: ₹104.87 प्रति लीटर
डीजल: ₹94.84 प्रति लीटर

लुधियाना
पेट्रोल: ₹105.42 प्रति लीटर
डीजल: ₹95.34 प्रति लीटर
पावर पेट्रोल: ₹114.80 प्रति लीटर

आम जनता और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर

ईंधन महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगा है। टैक्सी, ऑटो, बस और माल ढुलाई का खर्च बढ़ने की संभावना है। कारोबारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक अगर स्थानीय स्तर पर ट्रांसपोर्ट चार्ज बढ़े तो घर का मासिक बजट 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। दूध के दाम पहले ही बढ़ चुके हैं और आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

किसानों पर भी बढ़ेगा बोझ

डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत पर भी असर पड़ेगा। ट्रैक्टर, ट्यूबवेल और अन्य कृषि उपकरण चलाने में किसानों का खर्च बढ़ेगा। इससे अनाज और कृषि उत्पादों की लागत भी बढ़ सकती है।

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल इसकी मुख्य वजह है। वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। पहले जहां कच्चा तेल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय से घाटे में चल रही कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना पड़ा।

कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई चरणों से गुजरने के बाद तय होती हैं। इसमें कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत, रिफाइनिंग लागत, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट शामिल होता है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स की दरें अलग होने के कारण ईंधन की कीमतें भी अलग-अलग होती हैं।

चुनाव से पहले मिली थी राहत

मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर राहत दी थी। इसके अलावा एक्साइज ड्यूटी में भी कमी की गई थी, जिससे लंबे समय तक कीमतें स्थिर बनी रहीं। हालांकि अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों ने फिर से दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

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तेल कंपनियों को हो रहा था भारी नुकसान

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा था। सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ते आयात खर्च और वैश्विक बाजार की स्थिति ने कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है।

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