Last Updated: September 21, 2026

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NEET Exam से पहले शिक्षा मंत्री ने सभी राज्यों के CM को लिखी चिट्ठी, कही ये बात

May 25, 2026

NEET Exam से पहले शिक्षा मंत्री ने सभी राज्यों के CM को लिखी चिट्ठी, कही ये बात

नेशनल डेस्क। देशभर में 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच यह पुनर्परीक्षा होनी है। इसे ध्यान में रखते हुए सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों को पत्र लिखा है।

शिक्षा मंत्री ने परीक्षा के सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारु आयोजन के लिए सहयोग मांगा है। केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिया है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि नीट यूजी की परीक्षा इसी महीने तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक की शिकायत मिलने पर 11 मई को यह परीक्षा रद्द कर दी गई। फिलहाल, सीबीआई इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। इस बीच नीट यूजी की पुनर्परीक्षा अब 21 जून को होनी है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने अपने इस पत्र में सभी राज्यों से कहा है कि देश के कई हिस्सों में इस समय गंभीर हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में लाखों छात्रों के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और कई घंटों तक वहां मौजूद रहने को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया कि जिला प्रशासन, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य परीक्षा केंद्रों को तत्काल निर्देश जारी किए जाएं, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

धर्मेंद्र प्रधान ने विशेष रूप से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, पंखे और कूलर की सुविधा, साफ-सुथरे शौचालय, छायादार प्रतीक्षा स्थल और निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो वहां पोर्टेबल शौचालय भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि परीक्षा के दिन छात्रों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए पर्याप्त परिवहन व्यवस्था करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। कई छात्र दूर-दराज के इलाकों से परीक्षा देने पहुंचते हैं और गर्मी के कारण उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों से स्थानीय परिवहन सेवाओं और प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय रखने का आग्रह किया गया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों का हित, उनकी सुरक्षा और मानसिक सहजता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राज्य सरकारें पूर्ण सहयोग देंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो। गौरतलब है कि नीट-यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान सुरक्षा, पारदर्शिता और छात्रों की सुविधा को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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